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उधमसिंह नगर: उत्तराखंड में शिक्षा और पढ़ाई लिखाई के नाम पर क्या कुछ नहीं हो रहा, एक नाबालिग छात्र से कुकर्म मामले में यूएस नगर की पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी ट्यूशन टीचर को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने ट्यूशन टीचर को 20 साल की सजा दी है साथ ही 40 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
जानकारी के अनुसार 4 अक्टूबर 2021 को जसपुर कोतवाली पुलिस को एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनका 9 साल का बेटा ट्यूशन से रोते और डरे हुए लौटा। जब परिजनों ने बच्चे से कारण पूछा तो उसने बताया कि टीचर ने उसके साथ गलत काम किया है। इस तहरीर के आधार पर 5 अक्टूबर को पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और उसे उसके घर के बाहर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस ने पीड़ित छात्र का मेडिकल कराया जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। मामला जिला न्यायालय के पॉक्सो न्यायाधीश अश्वनी गौड़ की अदालत में चल रहा था, जहां विशेष लोक अभियोजक विकास गुप्ता ने कोर्ट के समक्ष 6 गवाह पेश किए। न्यायाधीश अश्वनी गौड़ ने आरोपी शिक्षक को धारा 377 आईपीसी के तहत दोषी मानते हुए दस साल के कठोर कारावास और बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा, धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत बीस वर्ष के कठोर कारावास और बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा भी दी गई। जुर्माने की राशि में से तीस हजार रुपये पीड़ित बालक को मिलेंगे। साथ ही न्यायाधीश ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पीड़ित बालक को मुआवजे के तौर पर सरकार से तीन लाख रुपये देने का आदेश दिया है।