अभय कुमार पांडे को पता चला कि जिस भूमि का बैनामा उनकी पत्नी के नाम किया गया था वह पट्टे की जमीन है, जिसका बैनामा नहीं हो सकता। जब उन्होंने पुनीत से रकम वापस मांगी तो उसने मना कर दिया।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: 96 lakh Land Fraud with Deputy Commissioner
रुड़की: उत्तराखंड में राज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर की पत्नी के साथ जमीन के सौदे के नाम पर 96 लाख 10 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई है। आरोपी ने पट्टी की जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैनामा करा लिया। डिप्टी कमिश्नर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अब इसकी जांच जारी है।
96 lakh Land Fraud with Deputy Commissioner
उत्तराखंड के राज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर की पत्नी के साथ 96 लाख 10 हजार रुपये की जमीन के नाम पर धोखाधड़ी हो गई। इस मामले में डिप्टी कमिश्नर ने मुकदमा दर्ज कराया है और पुलिस जांच कर रही है। डिप्टी कमिश्नर अभय कुमार पांडे जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले निवासी हैं, वर्तमान में कोतवाली सिविल लाइन के फेज-2 आकाशदीप एन्क्लेव में रह रहे हैं। उन्होंने गंगनहर कोतवाली पुलिस को इस धोखाधड़ी के संबंध में तहरीर दी है।
आंध्र प्रदेश में दिलवाई कृषि भूमि
डिप्टी कमिश्नर अभय कुमार पांडे ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनकी पत्नी कुसुम पांडे का निधन 11 अक्टूबर 2023 को हो गया था। जनवरी 2018 में उनकी पत्नी खेती की जमीन खरीदने की इच्छुक थीं। इस दौरान उनकी मुलाकात चंडीगढ़ के सेक्टर-8 निवासी पुनीत नंदा से हुई, जिसने खुद को कृषि भूमि खरीदने-बेचने, दिलवाने और बागवानी विकसित करने का विशेषज्ञ बताया। उसने अभय कुमार पांडे को बताया कि आंध्र प्रदेश के जिला अनंतपुर के नया जिला श्री सत्य साईं तहसील पैनुकोण्डा और उसके आस-पास अच्छी कृषि भूमि उपलब्ध है जिसे वह उनके लिए खरीदवा सकता है। अभय कुमार पांडे ने बताया कि पुनीत नंदा ने उन्हें अपनी कंपनी का नाम मैसर्स कलर्स बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड बताया।
जिस जमीन का बैनामा हुआ वो निकली पट्टे की जमीन
पुनीत रुड़की में बीएसएम चौक के पास आया और वहां जमीन के कागजात दिखाए जिसके बाद दोनों के बीच जमीन का सौदा तय हो गया। कुछ लोगों की मौजूदगी में 20 लाख रुपये की राशि दी गई। इसके बाद 31 लाख 10 हजार रुपये और फिर 45 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि भी उसकी कंपनी के खाते में जमा की गई, जिससे कुल 96 लाख 10 हजार रुपये की रकम दी गई और बाद में बैनामा भी हो गया। हाल ही में अभय कुमार पांडे को पता चला कि जिस भूमि का बैनामा उनकी पत्नी के नाम किया गया था वह पट्टे की जमीन है, जिसका बैनामा नहीं हो सकता। जब उन्होंने पुनीत से रकम वापस मांगी तो उसने मना कर दिया। अब गंगनहर कोतवाली पुलिस ने पुनीत नंदा और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।