कुमाऊं: दिल झकजोर देगी ये दुखद घटना, बहन को भाई का शव गाड़ी के ऊपर बांधकर गांव लाना पड़ा

उत्तराखंड के कुमाऊं से दिल को झकजोर देने वाली घटना सामने आ रही है। एक बहन को अपने भाई के शव को गाड़ी के ऊपर बांधकर गांव ले जाना पड़ा।
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Dead body on car roof: Sister brings brother body home on taxi roof
Image: Sister brings brother body home on taxi roof

पिथौरागढ़: पिथौरागढ़ के बेरीनाग क्षेत्र के तमोली ग्वीर गांव की रहने वाली शिवानी हल्द्वानी काम करने आई थी। शिवानी के बुजुर्ग पिता गोविंद प्रसाद पहाड़ में खेती-बाड़ी करते हैं। परिवार में उसके अलावा माता-पिता भाई अभिषेक और एक बहन। शिवानी 6 महीने पहले हल्दुचौड़ में एक कंपनी में काम करने आई थी, वह यहां एक किराए के कमरे पर रह रही थी।

Sister brings brother's body home on taxi roof

शिवानी को काम ठीक लगा और काम में मन लगा तो उसने अपने भाई अभिषेक को भी कंपनी में काम करने के लिए बुला लिया। 2 महीने पहले ही अभिषेक हल्दुचौड़ पहुंचा था। इसके बाद शुक्रवार सुबह वह और भाई काम पर गए थे। थोड़ी देर काम करने के बाद अभिषेक ने सर में दर्द होने की बात बताई थी। इसके बाद उसने उस दिन की छुट्टी ले ली और कमरे पर चला आया। थोड़ी देर बाद शिवानी ने जब उसे कॉल किया तो अभिषेक ने कॉल नहीं उठाई। इसके बाद शिवानी ने कई फ़ोन किये, पर जवाब नहीं मिला।

फिर पुलिस का आया फ़ोन

लंच टाइम में शिवानी कमरे पर आई तो उसे वहां किसी प्रकार की बदबू आ रही थी लेकिन कमरे पर कोई नहीं था। थोड़ी देर बाद पुलिस का शिवानी को फ़ोन आया कि उसका भाई अभिषेक रेलवे पटरी के पास गिरा हुआ है। जैसे तैसे शिवानी भाई को पुलिस के साथ सुशीला तिवारी हॉस्पिटल लेकर आई। अभिषेक को भर्ती किया गया, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। शिवानी ने घर पर भी फोन कर दिया था तो कुछ रिश्तेदार बेरीनाग से हल्द्वानी पहुंच गए। अभिषेक का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जा चुका था।

195 Km गाड़ी की छत पर लाना पड़ा शव

इसके बाद शिवानी ने एंबुलेंस वालों से भाई के शव को हल्दूचौड़ से बेरीनाग ले जाने की बात की, तो एंबुलेंस वालों ने किसी ने 12, तो किसी ने 15 और किसी ने 10 हजार मांगे। इतने पैसे ना होने के कारण शिवानी ने गांव के किसी टैक्सी वाले को फ़ोन किया। पहाड़ों में ऐसे ही गाड़ियां कम चलती हैं, टैक्सी में लोग भरे थे, इसके बाद बहन को भाई अभिषेक के शव को गाड़ी के ऊपर छत पर बांधकर घर लाना पड़ा। खबर सुनकर घर वालों ने खाना खाना छोड़ दिया है, गांव में गमगीन माहौल है। घर का इकलौता बेटा अभिषेक अब जा चुका है।