भूमाफिया ने कोतवाली विकासनगर क्षेत्र में एक व्यक्ति से जमीन के नाम साढ़े तीन करोड़ रुपये कि ठगी की है। पीड़ित ने आरोप है कि आरोपियों से जमीन के बारे में पूछने पर वे लोग उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Fraud by showing fake land documents in Dehradun
देहरादून: भूमाफिया ने विकासनगर कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति से जमीन के नाम पर साढ़े तीन करोड़ रुपये ठगी की। आरोपियों ने पीड़ित के साथ 64.5 बीघा भूमि का सौदा किया था, लेकिन बाद में केवल 16.22 बीघा भूमि की रजिस्ट्री करवाई । पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Fraud by showing fake land documents in Dehradun
देहरादून के कोतवाली विकासनगर में राजीव आनंद पुत्र गिरीश आनंद ने शिकायत दर्ज करवाई . राजीव ने तहरीर में बताया कि वो विकासनगर सी-142 नेहरू कॉलोनी में रहता है और वो कंस्ट्रक्शन का कार्य करता है। उसने बताया कि साल 2022 में वो निवेश के लिए जमीन कि तलाश कर रहा था। उसी दौरान उसके देहरादून के परिचित मनित वालिया और शावेज खान ने उसका परिचय लाखन सिंह से करवाया . लाखन सिंह वार्ड नंबर-एक बंसीपुर, एटनबाग हर्बटपुर का निवासी है। लाखन सिंह ने उसे बताया कि वो देहरादून का ही मूल निवासी है और उसके साथी जगवीर सिंह, मोहम्मद इकराम व इस्तियाक के पास 65 बीघा का एक चक मौजूद है।
भूमि का विक्रय पत्र जुलाई 2024 तक तय किया गया था
उसके बाद लाखन सिंह ने उसे अपने दोस्तों से मिलवाया. लाखन सिंह, सहित उसके तीनों साथियों ने अपने व परिवार के नाम की खतौनी भी दिखाई। उसके बाद 32 लाख 70 हजार रुपये प्रति बीघा की दर से कुल 64.5 बीघा भूमि का सौदा तय किया गया। लाखन सिंह ने उसे प्रतीतपुर कल्याणपुर में एक भूमि का चक दिखाया। इस भूमि का विक्रय पत्र जुलाई 2024 तक तय किया गया था। पीड़ित ने पुलिस को आगे बताया कि उसने लाखन सिंह को दिसम्बर 2023 तक कुल 8 करोड़ 83 लाख 23 हजार 5 सौ रुपये दे दिए थे।
शक होने पीड़ित ने अपने स्तर पर जांच की
लाखन सिंह ने इन रुपयों के एवज में के पक्ष में केवल 16.22 बीघा भूमि हस्तांतरित की। जिसकी कीमत लगभग 5 करोड़ 30 लाख रुपये है। राजीव ने जब लाखन से अन्य भूमि के बारे में पूछा तो लाखन ने इसके समय मांगा। इसके बाद पीड़ित राजीव को उस पर शक होने लगा . इसी कारण पीड़ित राजीव ने उप निबन्धक कार्यालय व तहसील आदि में अपने स्तर पर छानबीन की . अपने स्तर पर जानकारी इक्कठी करने पर जब पीड़ित को लाखन कि सच्चाई पता की तो वो हैरान रह गया।
5 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
राजीव को इस दौरान पता लगा कि लाखन अनुसूचित जाति का है और वो सामान्य वर्ग के फर्जी दस्तावेज बनाकर रह रहा है . आरोपी लाखन अपने फर्जी कागजात दिखाकर लोगों को जमीनें बेचता है। इसके अलावा जिस भूमि का अनुबंध उसके साथ किया गया था उस जमीन को उन लाखन ने अपने और जगवीर सिंह, मोहम्मद इकराम, इस्तियाक व अब्दुल कादिर के नाम पर खरीद ली हैं। इसके अलावा रोहित नेगी व संजय अग्रवाल के नाम रास्ते की भूमि रजिस्ट्री करा ली गई है।
पीड़ित राजीव का आरोप है कि इन सब लोगों ने मिलकर उसके तीन करोड़ रुपये हड़प लिए हैं। आरोपियों से जमीन के बारे में पूछने पर वे लोग उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित राजीव की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।