सरकार की नीतियों से प्रेरित होकर नीरज ने वूशु प्रतियोगिता में भाग लेकर सिल्वर मेडल प्रदेश के नाम किया। उनका मानना है कि सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाएं खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने का एक मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।
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Image: Neeraj Joshi of Uttarakhand won silver in National Games
हल्द्वानी: उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल में प्रदेश के खिलाडी ने उम्दा प्रदर्शन कर रहें हैं। उत्तराखंड को अब तक राष्ट्रिय खेलों में 26 पदक मिल चुके हैं. जिनमें 3 गोल्ड मैडल, 11 सिल्वर मैडल, और 12 कांस्य पदक शामिल हैं. उत्तराखंड राष्ट्रिय खेलों में 15वें नंबर पर है. बीते मंगलवार को वूशु प्रतियोगिता में उत्तराखंड के नीरज जोशी ने भी अपने शानदार प्रदर्शन से सिल्वर मेडल राज्य के नाम किया है.
Neeraj Joshi of Uttarakhand won silver in National Games
हल्द्वानी के निवासी नीरज जोशी ने राष्ट्रिय खेलों के तहत आयोजित वुशु प्रतियोगिता में सिल्वर मैडल जीता है. नीरज जोशी के पिता, राजेश बल्लभ जोशी, एक किसान हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण खेती के माध्यम से करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद, नीरज ने वूशु में करियर बनाने के लिए पिछले आठ वर्षों से देहरादून में प्रशिक्षण ले रहे हैं। आर्थिक कठिनाइयों और चोटों के कारण उनका खेल करियर कई बार संकट में पड़ा। वर्ष 2022 में पैर की हड्डी टूटने के कारण उनके मन में खेल से दूर जाने का विचार आने लगा था। लेकिन परिवार और कोच के समर्थन से उन्होंने वापसी की। वर्ष 2023 में उन्होंने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर अपने खेल में सुधार किया। लेकिन गोवा में आयोजित राष्ट्रीय खेल में खेल सुविधाओं की कमी के कारण वे केवल पांचवें स्थान पर रहे, जिससे वह निराश हो गए।
उत्तराखंड सरकार की नीतियाँ
नीरज जोशी बतातें है कि उत्तराखंड सरकार द्वारा खिलाड़ियों के लिए शुरू की गई योजनाओं और प्रोत्साहनों ने उन्हें नई प्रेरणा दी है। राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार और सरकारी नौकरी देने की घोषणा ने खिलाड़ियों के मनोबल को और बढ़ाया है। सरकार की नीतियों से प्रेरित होकर नीरज ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के तहत वूशु प्रतियोगिता में भाग लिया और सिल्वर मेडल प्रदेश के नाम किया। उनका मानना है कि उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाएं प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने का एक मजबूत आधार तैयार कर रही है। नीरज ने कहा, नीतियों से प्रदेश के खिलाड़ियों को एक नई दिशा मिली है। इससे आने वाली पीढ़ी भी खेलों की ओर आकर्षित होगी और उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।