उत्तराखंड: खतौनी की एडिटिंग कर ठगे साढ़े बारह लाख रुपए, IAS दीपक रावत ने दिए कार्रवाई के निर्देश

कुमाऊं आयुक्त के समक्ष खतौनी में कंप्यूटर से की गई नकली संपादन के माध्यम से रजिस्ट्री कर साढ़े 12 लाख रूपये ठगने का मामला उजागर हुआ। कुमाऊं आयुक्त ने आरोपी को निर्देशित किया है कि वे एक सप्ताह के भीतर पैसे वापस करें।
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IAS Deepak Rawat: 12 lacs cheated by editing Khatauni
Image: 12 lacs cheated by editing Khatauni

हल्द्वानी: कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने हल्द्वानी कैम्प कार्यालय में शनिवार को जनसुनवाई आयोजित की, जिसमें उन्होंने विभिन्न शिकायतों का समाधान किया। जनसुनवाई में प्राप्त अधिकांश शिकायतें भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद, अतिक्रमण, सड़क और ऋण से संबंधित थीं।

12 lacs cheated by editing Khatauni

कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने जनता दरबार में उपस्थित फरियादियों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना और समाधान किया। उन्होंने इस अवसर पर कुल 16 मुद्दों को सुना, जिनमें से अधिकांश का तात्कालिक समाधान किया गया, जबकि बाकी समस्याओं के लिए फरियादियों को अगले जनता दरबार में उपस्थित होने के लिए कहा गया। इस दौरान, कुमाऊं आयुक्त के समक्ष खतौनी में कंप्यूटर से की गई नकली संपादन के माध्यम से रजिस्ट्री कराने का मामला भी उजागर हुआ। हाल ही में उप निबंधक कार्यालय, काशीपुर से जुड़े इस मामले में खतौनी में संपादन कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने की जानकारी मिली है।

DM करेंगे प्रकरण की जांच

कुमाऊं आयुक्त ने सहायक महानिरीक्षक निबंधक, रुद्रपुर को निर्देशित किया कि प्रत्येक निबंधन, कार्यालय का रोस्टरवाइज निरीक्षण करना सुनिश्चित करेंगे। इस क्रम में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने जिलाधिकारी उधम सिंह नगर से दूरभाष पर वार्ता कर उक्त प्रकरण की जांच कराने को कहा। उन्होंने कहा कि अनुचित पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही की जाए।

12.50 लाख रुपए की ठगी

शिकायतकर्ता अमित कुमार ने आयुक्त महोदय को अवगत कराया कि उसने राजीव कुमार व धर्मेंद्र कुमार से प्लॉट खरीदा था। क्रेता अमित कुमार ने अब तक 5.5 लाख रुपए और 7 लाख रुपए, कुल मिलाकर 12.5 लाख रुपए की राशि दो किस्तों में विक्रेता राजीव कुमार और धर्मेंद्र कुमार को दी है। इसके बावजूद, विक्रेता पक्ष ने रजिस्ट्री नहीं कराई और उक्त प्लॉट को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। इस मामले में कुमाऊं आयुक्त ने विक्रेता पक्ष को निर्देशित किया है कि वे अमित कुमार को 12.50 लाख रुपए की राशि एक सप्ताह के भीतर वापस करें।