उत्तराखंड: फिर पकड़ा गया फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहा शिक्षक, हुई 3 साल की जेल.. 15 हजार जुर्माना

फर्जी शिक्षक सुरेंद्र चंद को बीमारी और डायलिसिस होने के कारण उसे 5 साल की जगह 3 साल जेल की सजा और 15 हजार जुर्माना देना होगा...
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Fake Teacher Arrested: Fake teacher dismissed from service in Rudraprayag
Image: Fake teacher dismissed from service in Rudraprayag

रुद्रप्रयाग: फर्जी शिक्षक ने बी-एड की फर्जी डिग्री के आधार पर बनाई सरकारी नौकरी प्राप्त की थी। विभागीय जांच में पकड़े जाने पर अदालत ने फर्जी शिक्षक पर पन्द्रह हजार रुपए का जुर्माना और तीन साल के लिए कारावास की सजा सुनाई है।

Fake teacher dismissed from service in Rudraprayag

उत्तराखंड के जनपद रुद्रप्रयाग में तैनात शिक्षक सुरेंद्र चंद ने फर्जी बीएड डिग्री के आधार पर शिक्षक की नौकरी प्राप्त की थी। आरोपी शिक्षक ने वर्ष 1999 में प्राप्त चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से बीएड की फर्जी डिग्री के आधार पर शिक्षक की नौकरी पाई थी। शिक्षा विभाग के एस०आई०टी एवं विभागीय जॉच के दौरान शिक्षक की बी०एड की डिग्री का सत्यापन कराया गया। जिसमें शिक्षक सुरेंद्र चंद की बी०एड० की डिग्री फर्जी पायी गई। शिक्षा विभाग रूद्रप्रयाग ने एस०आई०टी जांच के आधार पर फर्जी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया। विभाग द्वारा फर्जी शिक्षक को तत्काल निलम्बित कर बर्खास्त किया गया।

5 साल की जेल.. 15 हजार जुर्माना

बीते सोमवार यानी 19 मई को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अशोक कुमार सैनी के न्यायालय द्वारा फर्जी शिक्षक सुरेंद्र चंद को फर्जी बी०एड० की डिग्री के आधार पर नौकरी प्राप्त करने के संबंध मे दोषी करार किया गया। आरोपी शिक्षक सुरेंद्र चंद को भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 420 के तहत 05 वर्ष की कठोर कारावास की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यदि जुर्माना नहीं भरा गया, तो तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा, धारा 471 के तहत दोषी पाए जाने पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न चुकाने पर एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

चमोली कारागार पुरसाड़ी में काटेगा सजा

आरोपी शिक्षक सुरेंद्र चंद को न्यायिक हिरासत में लेकर दंड भुगतने के लिए जिला कारागार पुरसाड़ी, जनपद चमोली भेजा गया। इस मामले में राज्य सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी विद्वान अभियोजन अधिकारी प्रमोद चन्द्र आर्य द्वारा की गई है। फर्जी शिक्षक सुरेंद्र चंद को बीमारी और डायलिसिस होने के कारण उसे 3 साल जेल की सजा और 15 हजार जुर्माना देना होगा।