मनोज के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उन्होंने कहा है कि गुमशुदगी दर्ज करने में 10 दिनों का समय लगाया गया। लोगों का कहना है कि जिस जगह से मनोज गायब हुआ था वही पास के जंगल में उसका शव लटका हुआ मिला।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Police remained careless as Manoj found dead after 14 days
चमोली: दो हफ्ते पहले गायब हुए, घाघरिया से हेमकुंड साहिब तक अपने मालिक देवेंद्र सिंह चौहान के घोड़े का संचालन करने वाले, मनोज बिष्ट का शव रविवार को बरामद हुआ। मनोज नंदानगर चमोली के बांजबगड़ का रहने वाला था और घाघरिया से हेमकुंड साहिब तक घोड़ा संचालन का काम करता था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
Police remained careless as Manoj found dead after 14 days
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो सप्ताह पूर्व मनोज रात को अपने डेरे से लापता हो गया। उसके बाद एसडीआरएफ और पुलिस ने खोजबीन शुरू की तो रविवार को उसका शव घाघरिया के जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ मिला। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सोमवार को गोपेश्वर जिला चिकित्सालय में शव के पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
जवान बेटे की मौत.. मां-बाप ने त्यागा अन्न जल
घटना से गुस्साए स्थानीय लोगों और परिजनों ने घंटों सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और धरना दिया। मनोज के पिता सुरेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि मनोज की हत्या की गई है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसी और घटनाएं सामने न आएं, इसलिए आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि देवभूमि को कलंकित करने वाले मनोज के हत्यारों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। मनोज के पिता सुरेंद्र सिंह सेना से सेवानिवृत हैं और मां नौमी देवी घर का काम देखती हैं। बेटे की मौत की खबर के बाद से दोनों ने अन्न जल त्याग दिया है और मां का रो-रो कर बुरा हाल है। मां का कहना है कि वह अपने बेटे का इंतजार कर रही थीं। बेटा वादा करके गया था कि खूब सारा पैसा कमाकर लाऊंगा और एक बाइक खरीदूंगा।
पुलिस पर गंभीर आरोप
मनोज के परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि 14 दिन पहले से मनोज गायब है और उन्होंने इस बाबत तहरीर भी दी थी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने में 10 दिनों का समय लगाया। बावजूद इसके 14 दिनों तक पुलिस प्रशासन क्या करता रहा। लोगों का कहना है कि जिस जगह से मनोज गायब हुआ था वही पास के जंगल में उसका शव लटका हुआ मिला। पुलिस को खोजबीन में इतना समय कैसे लग गया? इसकी भी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।