Goa nightclub fire में उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों के नौ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है..
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Nine people from Uttarakhand died in Goa nightclub fire
देहरादून: गोवा के प्रसिद्ध नाइट क्लब में शनिवार देर रात लगी भीषण आग ने कई परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया। इस दुर्घटना में कुल 25 लोगों की मौत हुई, जिनमें नौ लोग उत्तराखंड के शामिल हैं। इनमें से पांच युवक नाईटक्लब में कर्मचारी थे, जबकि अल्मोड़ा जिले के चार लोग छुट्टियाँ मनाने गोवा गए थे। इस हादसे अल्मोड़ा जिले की तीन सगी बहनों की भी मौत हुई है।
Nine people from Uttarakhand died in Goa nightclub fire
जानकारी के अनुसार बीते शनिवार रात करीब 11:45 बजे गोवा के प्रसिद्ध Birch by Romeo Lane नाइटक्लब के पहले माले पर भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि आग इनडोर पटाखों से शुरू हुई और लकड़ी से बने फर्नीचर के कारण तेजी से फैल गई। इस हादसे में करीब 25 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में पर्यटक तथा क्लब के लगभग 20 स्टाफ सदस्य शामिल हैं। हादसे में घटनास्थल से बरामद शव बुरी तरह झुलस गए थे, जिससे पहचान मुश्किल हो रही है। कई परिवार डीएनए परीक्षण के आधार पर अपने प्रियजनों की पहचान होने का इंतजार कर रहे हैं।इस हादसे में उत्तराखंड के भी 9 लोगों की मौत हुई है, जिनमें जितेंद्र सिंह और सतीश सिंह, निवासी टिहरी गढ़वाल, मनीष सिंह, निवासी चंपावत, और पौड़ी जिले के सुमित नेगी और पिथौरागढ़ के सुरेंद्र सिंह, अल्मोड़ा के विनोद कबड़वाल और उनकी पत्नी की तीन बहनें—कमला, अनीता और सरोज शामिल हैं।
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नाइट क्लब में शेफ था मृतक सुमित
Image: Goa Nightclub Fire
गोवा नाइट क्लब अग्निकांड हादसे में शिकार हुए पौड़ी जिले के छानी गांव के निवासी 29 वर्षीय सुमित नेगी तीन महीने पहले ही नौकरी की तलाश में गोवा पहुंचे थे। वे ‘Birch by Romeo Lane’ क्लब में शेफ के पद पर काम कर रहे थे। क्लब में आग लगने के बाद दम घुटने से सुमित ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। परिवार ने बताया कि वह घर पर इकलौता कमाने वाला था, और उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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जितेंद्र की मां पर टूटा दुखों का पहाड़
Image: Death in Goa Night Club fire
पौड़ी गढ़वाल जिले के देवप्रयाग के छोटे से गांव संकुल्ड के 24 वर्षीय जितेंद्र सिंह भी इसी दुर्घटना के शिकार हुए। उनके पिता संता सिंह पिछले आठ वर्षों से लापता हैं, जिसके बाद से ही घर की ज़िम्मेदारी जितेंद्र और उनकी मां पर ही आ गई थी। जितेंद्र हाल ही में क्लब में काम पर लगे थे। हादसे की खबर सुनते ही उनकी मां रामप्यारी बदहवास हो गईं। परिवार के लिए यह दोहरी त्रासदी है—एक तरफ पिता की गुमशुदगी और अब बेटे की असमय मौत।
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परिवार कर रहा था बेटे के लौटने का इंतजार
Image: died in Goa nightclub fire
टिहरी गढ़वाल के चाह गडोलिया गांव के सतीश राणा पिछले एक वर्ष से गोवा के इस नाइट क्लब में काम कर रहे थे। परिवार उनका इंतजार कर रहा था, लेकिन हादसे ने पूरी उम्मीदें खत्म कर दीं।
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एक हफ्ते पहले ही जॉइन की थी नौकरी
Image: died in Goa nightclub fire
पिथौरागढ़ जिले के सुरेंद्र, अमर सिंह के पुत्र, महज एक सप्ताह पहले ही गोवा में नौकरी करने पहुंचे थे। वे पेशे से कुक थे और इससे पहले चार वर्ष जर्मनी में भी काम कर चुके थे। वीज़ा संबंधी समस्याओं के चलते वे दोबारा विदेश नहीं जा पा रहे थे, इसलिए वे गोवा में नौकरी कर रहे थे। बीते तीन वर्ष पहले ही उनकी शादी हुई थी।
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रोज़गार की मजबूरी ने किया घर से दूर
Image: died in Goa nightclub fire
चंपावत जिले के नेत्र सलान क्षेत्र के मनीष सिंह महर भी इस अग्निकांड में मारे गए। वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आते थे और रोज़गार की मजबूरी ने उन्हें घर से दूर नौकरी पर भेजा था। रविवार को उनकी मौत की पुष्टि के बाद पूरे गांव में शोक छा गया है।
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छुट्टी मनाने गोवा गया था परिवार
Image: died in Goa nightclub fire
अल्मोड़ा के द्वाराहाट क्षेत्र के मूल निवासी विनोद कबड़वाल और उनकी पत्नी भावना और पत्नी की तीन बहनें—कमला, अनीता और सरोज गोवा छुट्टी मनाने गए थे। ये सभी लोग जो वर्तमान में दिल्ली के करावल नगर में रहते थे। आग लगने के दौरान वे क्लब में मौजूद थे और बाहर निकल नहीं सके। इस हादसे में विनोद कबड़वाल, कमला, अनीता और सरोज की भी मौत हो गई। वहीं विनोद की पत्नी भावना हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गईं हैं। एक ही परिवार के चार सदस्यों को खोने से परिजनों ने शोक की लहर दौड़ गई है।