उत्तराखंड में तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई है। रामनगर के रिंगोडा गांव में घर पर पेड़ गिरने से 13 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जबकि हल्द्वानी में एक स्कूल की दीवार गिरने से एक परिवार के पांच लोग मलबे में दब गए।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Storm and Heavy Rain Cause Havoc in Uttarakhand
नैनीताल: उत्तराखंड में अचानक आई तेज आंधी और बारिश ने कई जगह भारी नुकसान पहुंचाया है। नैनीताल जिले में एक दर्दनाक हादसे में 13 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जबकि हल्द्वानी में स्कूल की दीवार गिरने से एक ही परिवार के पांच लोग मलबे में दब गए। तेज हवाओं और बारिश के कारण कई इलाकों में पेड़ गिरने, दीवार ढहने और फसलों के नुकसान की खबरें सामने आई हैं।
Storm and Heavy Rain Cause Havoc in Uttarakhand
नैनीताल जिले के रामनगर के रिंगोडा गांव में रविवार रात तेज आंधी-तूफान के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार गांव निवासी प्रकाश उपाध्याय का परिवार टिनशेड वाले घर में सो रहा था। इसी दौरान तेज अंधड़ में एक विशाल हल्दू का पेड़ टिनशेड पर गिर गया। इस हादसे में 13 वर्षीय कार्तिक उपाध्याय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी मां मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गईं।
दीवार गिरने से परिवार के पांच लोग दबे
सोमवार रात हल्द्वानी के शीशमहल क्षेत्र में भी तेज आंधी के दौरान बड़ा हादसा हुआ। यहां रहने वाले राकेश मौर्या की झोपड़ी के पास स्थित एक स्कूल की करीब 10 फीट ऊंची दीवार अचानक गिर गई। दीवार झोपड़ी के उस हिस्से पर गिरी, जहां परिवार के सदस्य सो रहे थे। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच लोग मलबे में दब गए। घायलों में 62 वर्षीय बाबू राम, 30 वर्षीय करन पाल, 28 वर्षीय धीरज, उनकी पत्नी विमला और छह महीने की मासूम बच्ची शामिल हैं।
लोगों ने मलबे से निकाला परिवार
दीवार गिरते ही इलाके में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। सभी घायलों को सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि धीरज के सिर में गंभीर चोट आई है और उनके सिर पर 24 टांके लगे हैं, जबकि बाकी परिवार के सदस्य और बच्ची फिलहाल सुरक्षित हैं। रामनगर के भरतपुरी मोहल्ले में मंदिर की बाउंड्री वॉल गिरने से नीचे खड़ी तीन कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ भी गिर गए और लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
किसानों की फसलों को भारी नुकसान
आंधी-बारिश का असर किसानों पर भी पड़ा है। रुड़की, देहरादून, बालावाला और नथुवावाला क्षेत्रों में गेहूं की तैयार फसल जमीन पर गिर गई है। किसानों के अनुसार एक बीघा गेहूं की खेती में लगभग 3700 रुपये तक लागत आती है। फसल गिरने से अब उत्पादन तीन क्विंटल से घटकर लगभग दो क्विंटल प्रति बीघा रहने की आशंका है।
फल और अन्य फसलों को भी नुकसान
हल्द्वानी और ऊधम सिंह नगर क्षेत्रों में गेहूं, सरसों और मसूर की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा हल्द्वानी में आम और लीची के बौर को लगभग 50 \प्रतिशत तक नुकसान होने की बात सामने आई है। किसानों ने सरकार से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।