भीमताल में युवतियों के साथ पहचान छिपाकर शोषण और ब्लैकमेलिंग के मामले में आरोपी फरार है। प्रशासन ने आरोपी की मां को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर नोटिस जारी किया है। जानिए पूरा मामला।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
Image: Muslim youth exploited women in Bhimtal
नैनीताल: उत्तराखंड के भीमताल क्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक युवक पर पहचान छिपाकर हिंदू युवतियों के साथ शारीरिक शोषण और ब्लैकमेलिंग करने के आरोप लगे हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है और हिंदूवादी संगठनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आरोपित की गिरफ्तारी न होने से लोगों में गुस्सा और भी बढ़ गया है।
Muslim youth exploited women in Bhimtal
इस मामले के सामने आने के बाद से आरोपी फरार बताया जा रहा है। पुलिस द्वारा अभी तक गिरफ्तारी न होने के कारण स्थानीय लोगों और संगठनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।
प्रशासन ने जारी किया नोटिस
उप-जिलाधिकारी नैनीताल ने आरोपी की मां कमरूनिशा, पत्नी मुहम्मद तहसीन को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उनके घर पर चस्पा किया गया है। नोटिस में निर्देश दिए गए हैं कि 15 दिनों के भीतर अवैध निर्माण हटाया जाए। यदि भूमि से संबंधित कोई वैध दस्तावेज हैं, तो 7 मई 2026 को सुबह 11 बजे एसडीएम कार्यालय में प्रस्तुत किए जाएं। आगे पढ़िए..
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर अवैध निर्माण नहीं हटाया गया या वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, तो बलपूर्वक ध्वस्तीकरण (तोड़फोड़) की कार्रवाई की जाएगी।
फरार आरोपी की तलाश
भाजपा नेता मनोज भट्ट और सामाजिक कार्यकर्ता प्रिंस खनायत ने बताया कि प्रशासन द्वारा नोटिस चस्पा कर दिया गया है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।