उत्तराखंड में सामाजिक जागरूकता लाने को सबसे बड़ा माध्यम बनेगा सोशल मीडिया : मुख्यमंत्री

आज का समय सोशल मीडिया का है। अपने में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों की खूबियाँ लिए, सोशल मीडिया आज की तारीख में सबसे सुलभ और सबसे ज्यादा प्रयोग में लाया जाने वाला सूचना का माध्यम बन चुका है।
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सोशल मीडिया: Social Media Samvaad Program
Image: Social Media Samvaad Program

देहरादून: मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय सभागार में आयोजित सोशल मीडिया संवाद कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित जनहित से जुडी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का सोशल मीडिया महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। इस दिशा में प्रयास किये जाने की आवश्यकता है। सोशल मीडिया के महत्व को समझते हुए समाचारों, घटनाओं का सकारात्मक फालोअप इसमें होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भ्रष्टाचार के विरूद्ध, नशे के विरूद्ध, सिन्थेटिक ड्रग्स के विरूद्ध मुहिम चलाने की बात कही गई है। समाज को इसके दुष्प्रभाव से बचाने के लिये भी सोशल मीडिया एक बड़ा माध्यम बन सकता है। इसी प्रकार सरकार द्वारा समाज के व्यापक हित में जो सकारात्मक पहल की जा रही है उसे इसके माध्यम से जनता तक पहुंचाया जा सकता है। देश में इस समय 05 महिला राज्यपाल है। सुप्रिम कोर्ट में 03 महिला जज है। सेना में महिलाओं को समान अवसर, सबको आवास, उज्ज्वला, सौभाग्य योजना, आलवेदर रोड कर्णप्रयाग रेल लाईन जैसे कार्यों को समाज के व्यापक हित में इसमें समाहित किया जा सकता है।

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मुख्यमंत्री उत्तराखंड ने आगे कहा कि उत्तराखण्ड अटल आयुष्मान योजना, जिसमें 5.37 लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त होगी उत्तराखण्ड का ओडीएफ में पहला राज्य बनने, पीएमजीएसवाई में मिले एवार्ड, मोस्ट फिल्म फ्रेंडली एवार्ड, खाद्यान्न उत्थान में मिले एवार्ड, पर्यटन ग्लोबल एवार्ड, जो राज्य को मिले, रियायती दर पर एनसीआरटी की पुस्तकों की व्यवस्था जैसे सकारात्मक पहलों को इससे जोडा जा सकता है। समाचार को प्रस्तुत करने की कला को हमें इसके माध्यम से सीखनी होगी। CM त्रिवेन्द्र ने कहा कि पिरूल व लीसा के बेहतर उपयोग व प्रसाद योजना, महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर बन सकती है। पिरूल व लीसा भविष्य के आधार बनेंगे इससे 143 चीजों के अलावा तारपीन, तारकोल, डीजल व बायोमास से बिजली पैदा की जा सकती है। जो हमारी आर्थिकी का मजबूत हिस्सा होगी। हमने 20 हजार कुपोषित बच्चों व माताओं को एडोप्ट कर उन तक पोष्टिक सामग्री पहुचाने का कार्य किया है। इसके लिये गार्जियन तैनात किये है। यदि ऐसे कार्यक्रम सोशल मीडिया का हिस्सा बनें तो जन जागरूकता बढने के साथ ही आम आदमी के जीवन स्तर में और अधिक सुधार हो सकेगा।

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मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भटट ने इस अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से की गई पहलों की व्यापक जानकारी प्रस्तुत की। इसके बाद राज्य के समग्र विकास की दिशा में उठाये गये कल्याणकारी कदमों पर विस्तृत चर्चा की गयी। भटट ने कहा कि सोशल मीडिया का महत्व सर्वविदित है। उन्होंने इसके विभिन्न टूल्सों के महत्वों पर भी प्रकाश डाला। समाज में सोशल मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। वर्तमान दौर मे संचार के क्षेत्र में यह गतिशील माध्यम है। इसका उपयोग जन जागरूकता के साथ ही समाज के व्यापक हित में करना ही इसका सबसे अच्छा उपयोग है।