उत्तराखंड में किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। एकीकृत सहकारी विकास परियोजना के लिए 3340 करोड रूपये की सैद्धांतिक सहमति मिली है।
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आदिशा
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Image: Good news for farmers of uttarakhand
देहरादून: कहते हैं कि किसान बढ़ेगा तो देश बढ़ेगा, प्रदेश बढ़ेगा। उत्तराखंड में खेती किसानी के क्या हाल हैं, इससे हर कोई वाकिफ है। ऐसे में सवाल ये है कि आखिर किस तरह से उत्तराखंड का किसान आगे बढ़ेगा ? किस तरह से किसानों की आर्थिक हालात में सुधार होगा ? इन सवालों का जवाब ये अच्छी खबर है। दरअसल उत्तराखंड के सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केन्द्रीय मंत्री राधामोहन से मुलाकात की। इस मुलाकात में खेती किसानी और इससे संबंधित गतिविधियों के जरिए पलायन को रोकने पर फोकस रहा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री राधामोहन से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री के साथ उत्तराखंड में एकीकृत सहकारी विकास परियोजना पर बाकचीत किया। उन्होंने इस बारे में राज्य का प्रस्ताव भी सौंपा। केन्द्रीय मंत्री ने उत्तराखंड के लिए एकीकृत सहकारी विकास परियोजना में 3340 करोङ रूपए की स्वीकृति के लिए सैद्धांतिक सहमति दी है। इसके अलावा भी कुछ खास बातें हैं। आगे पढ़िए...
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मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री राधामोहन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एकीकृत सहकारी विकास परियोजना के क्रियान्वयन से उत्तराखंड में किसानों की आर्थिकी में सुधार आएगा। खेती, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और कृषि से संबंधित कई गतिविधियों के माध्यम से पलायन को रोकने में मदद मिलेगी। इस मौक पर उत्तराखण्ड के सहकारिता राज्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत, सचिव आर.मीनाक्षी सुन्दरम मौजूद थे। खास बात ये है कि आज देशभर में किसान सबसे बुरी मार झेल रहा है। जय जवान, जय किसान वो उद्घोष तब फीका नज़र आता है, जब किसानों की माली हालत पर नज़र पड़ती है। उत्तराखंड में खेती और किसानी का क्या हाल है, ये तो हर कोई जानता है। ऐसे में ये खबर उन किसानों के लिए बेहतरीन साबित हो सकती है, जो गरीबी की मार झेल रहे हैं। वास्तव में सरकार की तरफ से इस तरह की कोशिशें होनी चाहिए...देखना है आगे क्या होता है।