Advertisement
No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
Example Ads Media
: वो वीर जवान उन पत्थरबाजों और आतंकियों के लिए एक सीख देकर गया। वो भी कभी आतंकी था लेकिन बाद में आतंक की राह छोड़ी और फिर देश की सेना में भर्ती होकर देश के लिए कुर्बान हो गया। अब उसे शांतिकाल में दिया जाने वाला सर्वोच्च सैन्य वीरता पुरस्कार मिलेगा। इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह बेहद खास होगा। इस गणतंत्र दिवस पर देश के एक ऐसे शहीद को अशोक चक्र से नवाजा जाएगा, जिसने आतंकवाद का रास्ता छोड़ देश सेवा का रास्ता चुना। लांस नायक नजीर अहमद वानी को गणतंत्र दिवस के मौके पर मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। गणतंत्र दिवस समारोह में नजीर वानी के परिजन ये सम्मान ग्रहण करेंगे। अशोक चक्र शांतिकाल में दिया जाने वाला सर्वोच्च सैन्य वीरता पुरस्कार है। बता दें कि कश्मीर के रहने वाले नजीर वानी आतंकियों का साथ छोड़कर सेना में शामिल हुए थे। नजीर वानी ने 2004 में आर्मी ज्वाइन की थी, वो 34 राष्ट्रीय राइफल्स में लांस नायक थे। वीरता के लिए उन्हें 2007 और 2018 में सेना मेडल से भी नवाजा गया था।