वो कभी आतंकी था..फिर सेना में भर्ती होकर शहीद हुआ..अब मिलेगा अशोक चक्र

गणतंत्र दिवस समारोह में शहीद लांसनायक नजीर वानी को अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। जानिए उनकी गौरवगाथा
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उत्तराखंड: Story of nazeer vani ashok chakra
Image: Story of nazeer vani ashok chakra

: वो वीर जवान उन पत्थरबाजों और आतंकियों के लिए एक सीख देकर गया। वो भी कभी आतंकी था लेकिन बाद में आतंक की राह छोड़ी और फिर देश की सेना में भर्ती होकर देश के लिए कुर्बान हो गया। अब उसे शांतिकाल में दिया जाने वाला सर्वोच्च सैन्य वीरता पुरस्कार मिलेगा। इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह बेहद खास होगा। इस गणतंत्र दिवस पर देश के एक ऐसे शहीद को अशोक चक्र से नवाजा जाएगा, जिसने आतंकवाद का रास्ता छोड़ देश सेवा का रास्ता चुना। लांस नायक नजीर अहमद वानी को गणतंत्र दिवस के मौके पर मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। गणतंत्र दिवस समारोह में नजीर वानी के परिजन ये सम्मान ग्रहण करेंगे। अशोक चक्र शांतिकाल में दिया जाने वाला सर्वोच्च सैन्य वीरता पुरस्कार है। बता दें कि कश्मीर के रहने वाले नजीर वानी आतंकियों का साथ छोड़कर सेना में शामिल हुए थे। नजीर वानी ने 2004 में आर्मी ज्वाइन की थी, वो 34 राष्ट्रीय राइफल्स में लांस नायक थे। वीरता के लिए उन्हें 2007 और 2018 में सेना मेडल से भी नवाजा गया था।

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कुलगाम के चेकी अश्मुजी गांव में रहने वाले नजीर वानी कभी आतंकियों के साथी हुआ करते थे, लेकिन जल्द ही उन्हें अपनी गलती का अहसास हो गया। बाद में नजीर वानी ने आतंकियों का साथ छोड़ कर आत्मसमर्पण कर दिया। नजीर वानी साल 2004 में टेरिटोरियल आर्मी की 162वीं बटायिन का हिस्सा बने। पिछले साल नवंबर में नजीर वानी शोपियां में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे, इस मुठभेड़ में सेना ने 6 आतंकियों को मार गिराया था। शहादत के वक्त नजीर वानी 34 राष्ट्रीय राइफल्स में थे। शहादत के बाद सेना ने नजीर को सच्चा सैनिक बताया था। शहीद वानी के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर शहीद वानी के अलावा चार अफसरों और एक सैनिक को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जाएगा, वहीं 12 सैनिकों को शौर्य चक्र से नवाजा जाएगा।