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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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पिथौरागढ़: देश की आन-बान और शान की रक्षा अपनी हिम्मत और हौसले से करने वाला सेना का एक जवान डिप्रेशन से जंग हार गया। पिथौरागढ़ के रहने वाले इस जवान ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। जवान की मौत के बाद उसकी पत्नी, बेटी और बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है, हर किसी के मन में बस यही सवाल है कि जिस जवान ने कभी किसी के सामने घुटने नहीं टेके, वो आखिर तनाव से जंग कैसे हार गया। ऐसी कौन सी समस्या थी, जिसका समाधान केवल खुदकुशी थी। मृतक का नाम जंग बहादुर सिंह सिंह पाल है। 49 साल के जंग बहादुर असम राइफल्स में तैनात थे। वो मूल रूप से बगड़ीघाट अल्मोड़ा के रहने वाले थे। परिजनों ने बताया कि 14 मई को जंग बहादुर छुट्टी लेकर बिठौरिया स्थित अपने घर आए हुए थे, घर में उनका व्यवहार सामान्य था, तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि वो अचानक अपनी जान ले लेंगे। शनिवार की रात 11 बजे खाना खाने के बाद वो सोने के लिए अपने कमरे में चले गए थे। उस वक्त घर में उनकी पत्नी गीता और बेटी थी। रविवार सुबह पत्नी ने जब उन्हें जगाने के लिए आवाज लगाई तो किसी ने कोई जवाब तक नहीं दिया।