उत्तराखंड के एक लाख कर्मचारियों और शिक्षकों की वेतनवृद्धि का रास्ता साफ हो गया है...पढ़ें पूरी खबर
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Komal Negi
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: good news for uttarakhand workers and govt officials
: तनख्वाह बढ़ने का इतंजार कर रहे सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए एक अच्छी खबर है, जल्द ही उन्हें बढ़ी हुई तनख्वाह मिलने लगेगी, यही नहीं जिन कर्मचारियों का प्रमोशन हुआ, पर सैलरी नहीं बढ़ी उन्हें भी राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों और शिक्षकों की वेतनवृद्धि को लेकर संशोधित शासनादेश जारी कर दिया है। प्रदेश सरकार का ये फैसला कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। शिक्षकों से वसूली का खतरा टल गया है, साथ ही जो कर्मचारी सैलरी बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं, उनकी तनख्वाह बढ़ने का रास्ता भी साफ हो गया है। प्रदेश सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 1 लाख से ज्यादा शिक्षक-कर्मचारी फायदे में रहेंगे। सैलरी में बढ़ोतरी से कर्मचारियों को 1 हजार से 5 हजार रुपये तक का फायदा होगा। सरकारी शिक्षकों से अब रिकवरी भी नहीं होगी। शिक्षक संगठन लंबे वक्त से वसूली का विरोध कर रहे थे। कई शिक्षकों को इंक्रीमेंट भी नहीं दिया जा रहा था।
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सरकार के फैसले से प्रदेश के 2 हजार से ज्यादा शिक्षकों को राहत मिली है। अब उनसे रिकवरी नहीं होगी, जिनसे रिकवरी हुई है, उन्हें रकम वापस लौटाई जाएगी। वेतन विसंगति का सामना कर रहे कर्मचारी भी अब राहत महसूस कर रहे हैं। आपको बता दें कि 1 जनवरी 2006 के बाद जो कर्मचारी सीधी भर्ती या प्रमोशन लेकर आए थे, उनके वेतन को लेकर विसंगतियां पैदा हो गई थीं। जो कर्मचारी प्रमोशन लेकर समान पद पर आए थे, उन्हें कम सैलरी मिल रही थी। जबकि सीधी भर्ती से आए कर्मचारी ज्यादा तनख्वाह पा रहे थे। कर्मचारी संगठन वेतन विसंगति दूर करने के लिए आंदोलन कर रहे थे। अब वित्त विभाग ने संशोधित आदेश जारी कर दिया है। जिसके बाद समान पद पर सीधी भर्ती या प्रमोशन के जरिए आने वाले कर्मचारियों को समान वेतन मिलेगा। प्रदेश सरकार का ये फैसला कर्मचारियों-शिक्षकों के लिए राहत लेकर आया है, लेकिन इससे सरकार पर सवा सौ करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पढ़ेगा।