अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना में घपलेबाजी, दो अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई

उत्तराखंड के दो अस्पतालों ने अटल आयुष्मान योजना के नाम पर फर्जी तरीके से क्लेम वसूला, इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी...
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Scam of atal ayushman: Action against two hospitals in kumaon
Image: Action against two hospitals in kumaon

नैनीताल: अपने देश में गरीबों के लिए योजनाएं शुरू होने के साथ ही फर्जीवाड़े का खेल भी शुरू हो जाता है। जिस वजह से योजनाओं का फायदा गरीबों को नहीं मिलता। उत्तराखंड में शुरू हुई अटल आयुष्मान योजना के साथ भी ऐसा ही हुआ। प्रदेश की त्रिवेंद्र सरकार ने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए योजना की शुरुआत की थी, लेकिन कुछ दिन बाद ही योजना के नाम पर फर्जीवाड़े की खबरें आने लगीं। अच्छी बात ये है कि फर्जीवाड़ा करने वाले अस्पताल अब शासन के रडार पर हैं, इनके खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। हाल ही में कुमाऊं के दो अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। ऊधमसिंहनगर के जसपुर मेट्रो हॉस्पिटल और काशीपुर के सहोता सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दोनों अस्पतालों पर अटल आयुष्मान योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप है। इन्हें अटल आयुष्मान योजना की लिस्ट से हटा दिया गया है। दोनों अस्पतालों पर 4,17,300 रुपये और 1,63,550 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

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यही नहीं राज्य स्वास्थ्य अभिकरण इन अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी करेगा। धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज और आपराधिक षडयंत्र के आरोप में दोनों अस्पतालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इन दोनों अस्पतालों पर कौन-कौन से गंभीर आरोप लगे हैं, ये भी जान लें। जसपुर मेट्रो हॉस्पिटल पर 26 मरीजों की सर्जरी और ट्रीटमेंट बिना ऑथराइजेशन के करने का आरोप है। यही नहीं जिन 15 मरीजों का योजना के तहत फ्री में इलाज होना था, उनसे अस्पताल ने पैसे वसूले। मरीजों से पैसे लेने के बावजूद अस्पताल ने क्लेम पेश कर, सरकारी रुपया हड़प लिया। दस्तावेजों में भी गड़बड़ी पाई गई। ऐसे ही आरोप काशीपुर के सहोता मल्टी स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल पर लगे हैं। ये अस्पताल डॉ. रवि सहोता का है, जिनकी पत्नी डॉ. नवप्रीत कौर काशीपुर के एक सरकारी अस्पताल में संविदा पर भी काम करती है। इस सरकारी अस्पताल से कई मरीजों को जान बूझकर सहोता मल्टी स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल रेफर किया गया। 17 अप्रैल तक कुल 93 मामलों का क्लेम पेश किया गया। नवजातों को अनावश्यक तरीके से निक्कू वार्ड में रखा गया और योजना के तहत इनका क्लेम लिया गया। इन अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। उम्मीद है दूसरे अस्पताल भी इन मामलों से सबक लेंगे।