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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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देहरादून: उत्तराखंड में भारी बारिश से तबाही का सिलसिला जारी है। चमोली, पिथौरागढ़ के साथ-साथ जोशीमठ में भी बादल फटने से भारी तबाही हुई है। सबसे पहले बात पिथौरागढ़ जिले की करते हैं। यहां नाचनी में भारी बारिश से तबाही मची है। उधर चमोली जिले में हेमकुंड साहिब के प्रवेश द्वार के रूम में विख्यात गोविंदघाट में शनिवार तड़के बादल फट गया। बादल फटने से क्षेत्र में भारी तबाही हुई है। यहां बादल फटने के बाद आए सैलाब में बदरीनाथ हाईवे का 30 मीटर हिस्सा बह गया। 40 वाहन मलबे में दफन हो गए। दुकानों और घरों में मलबा जमा है। दुकानों को भारी नुकसान हुआ है। डेक्कन कंपनी का हेलीपेड और हेलीकॉप्टर भी बरसाती नाले की चपेट में आने से बाल-बाल बचे। हालांकि राहत वाली बात ये है कि इलाके में जनहानि की कोई सूचना नहीं है। हाईवे बंद होने की वजह से चमोली प्रशासन ने बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब यात्रा रोक दी है। करीब 12 सौ यात्रियों को अलग-अलग जगह ठहराया गया है। उधर पिथौरागढ़ में भी भारी बारिश ने कहर बरपाया है। पिथौरागढ़ जिले के नाचनी के टिम्टिया गांव में एक मकान में मलबा घुसने से बुजुर्ग राम सिंह की मौत हो गई और उनकी पत्नी धनी देवी घायल हो गई। गांव के दो और लोग भी घायल हुए हैं।