उत्तराखंड में 3 जगह बादल फटने से भारी तबाही..कई वाहन बहे,1 मौत, 4 घायल

उत्तराखंड में 3 जगह भारी बारिश के के बाद तबाही की खबरें आ रही हैं। करीब 40 वाहनों के बहने, 1 शख्स की मौत और 4 लोगों के घायल होने की खबर है।
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Cloudburst: Cloudburst in govindghat badrinath highway 30 meter swept
Image: Cloudburst in govindghat badrinath highway 30 meter swept

देहरादून: उत्तराखंड में भारी बारिश से तबाही का सिलसिला जारी है। चमोली, पिथौरागढ़ के साथ-साथ जोशीमठ में भी बादल फटने से भारी तबाही हुई है। सबसे पहले बात पिथौरागढ़ जिले की करते हैं। यहां नाचनी में भारी बारिश से तबाही मची है। उधर चमोली जिले में हेमकुंड साहिब के प्रवेश द्वार के रूम में विख्यात गोविंदघाट में शनिवार तड़के बादल फट गया। बादल फटने से क्षेत्र में भारी तबाही हुई है। यहां बादल फटने के बाद आए सैलाब में बदरीनाथ हाईवे का 30 मीटर हिस्सा बह गया। 40 वाहन मलबे में दफन हो गए। दुकानों और घरों में मलबा जमा है। दुकानों को भारी नुकसान हुआ है। डेक्कन कंपनी का हेलीपेड और हेलीकॉप्टर भी बरसाती नाले की चपेट में आने से बाल-बाल बचे। हालांकि राहत वाली बात ये है कि इलाके में जनहानि की कोई सूचना नहीं है। हाईवे बंद होने की वजह से चमोली प्रशासन ने बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब यात्रा रोक दी है। करीब 12 सौ यात्रियों को अलग-अलग जगह ठहराया गया है। उधर पिथौरागढ़ में भी भारी बारिश ने कहर बरपाया है। पिथौरागढ़ जिले के नाचनी के टिम्टिया गांव में एक मकान में मलबा घुसने से बुजुर्ग राम सिंह की मौत हो गई और उनकी पत्नी धनी देवी घायल हो गई। गांव के दो और लोग भी घायल हुए हैं।

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चलिए अब आपको बताते हैं कि बादल फटने से कहां-कहां नुकसान हुआ है। जिला पंचायत की चार दुकानें और एक रेस्टोरेंट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 4 पार्किंग भी मलबे में दब गईं। अलकनंदा तक जाने वाला सैलाब 40 वाहनों को मलबे में दफन करता चला गया। कई होटलों और रेस्टोरेंट्स में भारी नुकसान हुआ है। आपदा प्रबंधन, एसडीआरएफ और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई हैं। नुकसान का जायजा ले रही हैं। सबसे बड़ी समस्या ये है कि गोविंदघाट में बदरीनाथ हाईवे का 30 मीटर हिस्सा बह गया है। बिजली सप्लाई ठप है, लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। संचार सेवाएं भी बंद हैं। बदरीनाथ और हेमकुंड यात्रा पर आए यात्री अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे। पुलना गांव में भी तबाही हुई है, यहां बारिश से 2 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। गोविंदघाट-पुलना मोटरमार्ग पर आवाजाही बंद है। हाईवे क्षतिग्रस्त होने की वजह से 400 यात्रियों को बदरीनाथ धाम में रोका गया है। 700 यात्रियों को जोशीमठ, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट में ठहराया गया है। जब तक हाईवे सुचारू नहीं हो जाता, तब तक बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब के यात्रियों को गोविंदघाट से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।