गुजरात के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी घटाया ट्रैफिक फाइन, 50 फीसदी तक दी छूट..पढ़िए पूरी खबर

गुजरात के बाद उत्तराखंड ने भी ट्रैफिक फाइन में कटौती का ऐलान किया है, जुर्माने में 50 फीसदी तक की कटौती की गई है..
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Uttarakhand reduces fine: After Gujarat Uttarakhand reduces fine under motor vehicle act
Image: After Gujarat Uttarakhand reduces fine under motor vehicle act

देहरादून: बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने ट्रैफिक फाइन में बढ़ोतरी का ऐलान किया था। पर बढ़े हुए जुर्माने का चौतरफा विरोध होने के बाद अब राज्य सरकारें अपने कदम पीछे खींच रही हैं। गुजरात ने ट्रैफिक फाइन घटा दिया है, जिसके बाद उत्तराखंड सरकार ने भी ट्रैफिक फाइन में 50 फीसदी की कटौती का ऐलान कर दिया। अब अगर उत्तराखंड में कोई बिना लाइसेंस गाड़ी चलाते पकड़ा गया तो उससे 5 हजार नहीं बल्कि ढाई हजार रुपये बतौर जुर्माना वसूला जाएगा। राज्य सरकारें वाहन चालकों को अपने स्तर पर राहत देने की कोशिश कर रही हैं। मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन के महज 10 दिन के भीतर गुजरात सरकार ने चालान जुर्माने में 25 से 90 फीसदी तक की कटौती कर दी थी। उत्तराखंड सरकार ने भी गुजरात को फॉलो किया और बुधवार को कई नियमों में छूट देने की घोषणा की। संशोधित चालान शुल्क की लिस्ट भी जारी कर दी गई है। कर्नाटक और दिल्ली भी अपने स्तर पर वाहन चालकों को राहत देने के प्रयास कर रहे हैं।

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चलिए अब आपको बताते हैं कि उत्तराखंड में नए नियमों में क्या-क्या बदलाव हुए हैं। बिना लाइसेंस वाहन चलाने से अब पांच हजार की जगह ढाई हजार रुपये बतौर फाइन वसूला जाएगा। केंद्र सरकार का नया रूल लागू होने से पहले ये फाइन 500 रुपये हुआ करता था। लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी गाड़ी चलाने वाले से दस हजार रुपये की जगह 5 हजार रुपये बतौर फाइन लिए जाएंगे। मोबाइल पर बात करते पकड़े जाने पर पहली बार हजार रुपये और दूसरी बार 5 हजार रुपये का फाइन भरना होगा। ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण संबंधी मानकों का उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान था, जिसे अब ढाई हजार और पांच हजार कर दिया गया है। बिना परमिट गाड़ी चलाने वालों से जुर्माने के तौर पर दस की जगह 5 हजार रुपये वसूले जाएंगे। गाड़ी में बच्चों को सीट बेल्ट ना लगाने पर वाहन चालक से एक हजार रुपये की बजाय 2 सौ रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। इसी तरह वाहन में क्षमता से अधिक सामान ले जाने, फायर ब्रिगेड-एंबुलेंस को रास्ता ना देने, बिना इंश्योरेंस के गाड़ी चलाने पर लगने वाले जुर्माने में भी 50 फीसदी की कटौती की गई है। आपको बता दें कि जुर्माना बढ़ाने के खिलाफ कल उत्तराखंड के निजी वाहन चालक हड़ताल पर थे। लगातार बढ़ते दबाव के बाद उत्तराखंड सरकार ने चालान में कटौती का ऐलान किया है, लेकिन केंद्र के कई ट्रैफिक नियमों को बरकरार रखा गया है।