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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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देहरादून: पहाड़ में अवैध रूप से रह रहे लोगों के लिए खतरे की घंटी बज गई है। अपने उत्तराखंड में भी एनआरसी यानि नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन लागू होगा। ये ऐलान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देहरादून में किया। एक कार्यक्रम मे सीएम ने कहा कि उत्तराखंड सीमांत प्रदेश है। राज्य की सीमाएं दूसरे देशों से लगी हुई हैं। सामरिक दृष्टि से उत्तराखंड बेहद महत्वपूर्ण राज्य है। जरूरत पड़ी तो यहां भी एनआरसी लागू किया जाएगा। इस संबंध में वो मंत्रिमंडल से विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। एनआरसी यानि नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई, आपको ये भी जानना चाहिए। असम में एनआरसी के इस्तेमाल की शुरुआत 1951 में की गई थी। उस वक्त पंडित नेहरू की सरकार थी। बारदोलाई विभाजन के बाद बड़ी संख्या में पूर्वी पाकिस्तान से भाग कर आए बंगाली हिंदू शरणार्थी असम में बसाए जा रहे थे। जिसके खिलाफ एनआरसी का इस्तेमाल किया गया था। आगे पढ़िए