उत्तराखंड-यूपी बॉर्डर का शिव मंदिर बना अनोखी शादी का गवाह, लॉकडाउन में पेश की मिसाल

लॉकडाउन के दौरान यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर एक अनोखी शादी का गवाह बना। यहां दूल्हा-दुल्हन ने बॉर्डर पर स्थित मंदिर में एकदम साधारण तरीके से शादी की। दूल्हा-दुल्हन को बॉर्डर पर शादी क्यों करनी पड़ी, इसके पीछे एक बड़ी वजह है..
Advertisement जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स

प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails

Example Ads Media
Udham Singh Nagar News: Up and Uttarakhand border becomes witness to unique marriage
Image: Up and Uttarakhand border becomes witness to unique marriage

उधमसिंह नगर: लॉकडाउन को लोग कोस रहे हैं, लेकिन इसने हमें कई अच्छी बातें भी सिखाईं। हमें सिखाया की शादी-ब्याह जैसे कारज बिना शोर-शराबे और तमाशे के भी संपन्न हो सकते हैं। लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के हर हिस्से से अनोखी शादियों की तस्वीरें आ रही हैं। ऐसी ही एक शादी का गवाह बना ऊधमसिंहनगर जिले का रुद्रपुर शहर। जहां उत्तराखंड और यूपी के बॉर्डर पर स्थित शिव मंदिर में अनोखी शादी हुई। गिने-चुने लोगों के बीच दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे लिए। यह शादी सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए बेहद साधारण तरीके से हुई। इस शादी में न तो बैंड बाजा था, न घोड़ी पर दूल्हा बैठा और न ही बराती। दूल्हा-दुल्हन को बॉर्डर पर शादी क्यों करनी पड़ी, इसके पीछे एक बड़ी वजह है। आगे पढ़ लीजिए ..वजह जानकर भी आपको खुशी होगी

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: दिल्ली में हड़कंप के बाद देहरादून में सख्ती, होम डिलीवरी के लिए बने कड़े नियम
दूल्हे खेम करन का परिवार यूपी के रामपुर जिले में रहता है। खेम करन की शादी रुद्रपुर की रहने वाली पूजा संग तय हुई थी। शुक्रवार को शादी होनी थी। दूल्हा खेम करन अपने बड़े भाई समेत तीन लोगों को साथ लेकर रामपुर बॉर्डर पहुंचा, लेकिन पुलिस ने उसकी कार रोक ली। दूल्हे ने पुलिसकर्मियों को रामपुर के एसडीएम का पास दिखाया। जिसके बाद दूल्हे और उसके परिवार को बारात ले जाने की परमिशन मिल गई, लेकिन मुसीबत तब खड़ी हुई जब ये पता चला कि दुल्हन पक्ष के लोगों ने प्रशासन से शादी की अनुमति नहीं ली है, उनके पास पास भी नहीं था। इसी बीच एसडीएम मुक्ता मिश्रा और सीओ सिटी अमित कुमार भी मौके पर पहुंच गए। समस्या का समाधान ना निकलते देख दूल्हा-दुल्हन के परिवारों ने रामपुर रोड स्थित मंदिर में विवाह संपन्न कराने का फैसला किया। इस तरह शिव शक्ति मंदिर में आम और पीपल के पत्तों की बेदी बनाकर साधारण तरीके से विवाह की रस्में संपन्न कराई गईं। शादी के बाद नवविवाहित दंपती रामपुर के लिए रवाना हो गए।