कोरोना प्रभावित राज्यों से लौटने वाले प्रवासियों को 21 दिन तक क्वारेंटीन (Uttarakhand 21 Days Quarantine) रहना पड़ेगा। इन्हें 7 दिन संस्थागत क्वारेंटीन में बिताने होंगे, जबकि 14 दिन तक होम क्वारेंटीन में रहना होगा...
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कोमल नेगी
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Image: Migrants will be quarantined for 21 days
टिहरी गढ़वाल: प्रवासियों के उत्तराखंड लौटने के बाद कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। मंगलवार को प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 85 नए केस मिले। इसी के साथ प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1000 के आंकड़े को पार कर गई है। 15 दिन पहले तक प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 100 थी, लेकिन अब ये संख्या 1043 है। प्रवासियों के लौटने के बाद कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। अब देश के कोरोना संक्रमित शहरों से उत्तराखंड लौटने वाले प्रवासियों को 21 दिन तक क्वारेंटीन रहना पड़ेगा। 7 दिन संस्थागत क्वारेंटीन की अनिवार्यता लागू की गई है, जबकि 14 दिन होम क्वारेंटीन में बिताने होंगे। चलिए अब आपको संबंधित शहरों के बारे में बताते हैं। इनमें चेन्नई, हैदराबाद, तिरुवल्लुर, कोलकाता, इंदौर, चेंगलपट्टू, साउथ ईस्ट दिल्ली, मध्य दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, नार्थ-ईस्ट दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, शाहदरा, पूर्वी दिल्ली, नई दिल्ली और उत्तर-पश्चिम दिल्ली शामिल हैं। यानी दिल्ली से उत्तराखंड आने वालों को 21 दिन तक क्वारेंटीन रहना होगा। आगे भी पढ़िए
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इसके अलावा अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, आनंद, बनासकांठा, पंचमहल, भावनगर, गांधीनगर, अरावली, मुंबई, पुणे, ठाणे, नासिक, पालघर, नागपुर, सोलापुर, यवतमाल, औरंगाबाद, सतारा, धुले, अकोला, जलगांव, मुंबई उपनगर, आगरा, लखनऊ, सहारनपुर, कानपुर नगर, मुरादाबाद, फिरोजाबाद, गौतमबुद्धनगर यानी नोएडा और ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ, रायबरेली, वाराणसी, बिजनौर, अमरोहा, संत कबीर नगर, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, रामपुर, मथुरा, बरेली, अजमेर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, जालोर, जयपुर, कोटा, नागौर, पाली, राजसमंद, सवाईमाधोपुर, सीकर, सिरोही और उदयपुर से आने वाले लोग भी 21 दिन तक क्वारेंटीन रहेंगे। यूपी, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के रेड जोन वाले शहरों से उत्तराखंड आने वाले लोग 21 दिन क्वारेटीन में बिताएंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि इन्हें 7 दिन संस्थागत क्वारेंटीन रहना होगा और 14 दिन होम क्वारेंटीन में बिताने होंगे। इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटीन से घर जाते वक्त इन्हें एक शपथ पत्र देना होगा, जिसमें लिखा होगा कि वो 14 दिन तक घर पर ही रहेंगे। इस दौरान वो बाहर घूमते मिलें या किसी से मुलाकात करें तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।