उत्तराखंड: 5 जिलों में बेकाबू हुआ कोरोना, करीब 10 हजार लोग पॉजिटिव..486 इलाके सील

प्रदेश के हर जिले में हर दिन कोरोना के नए केस मिल रहे हैं, लेकिन 5 जिलों में स्थिति बेकाबू होती नजर आ रही है। यहां अब तक कोरोना संक्रमण के हजारों केस मिल चुके हैं..आगे पढ़िए पूरी रिपोर्ट
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Coronavirus in uttarakhand: 10 thousand people infected coronavirus in 5 districts of Uttarakhand
Image: 10 thousand people infected coronavirus in 5 districts of Uttarakhand

देहरादून: प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 12 हजार के आंकड़े को छूने वाली है। शनिवार तक उत्तराखंड में कोरोना के 11940 मामले रिपोर्ट किए गए। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 7748 है। जिन इलाकों में लगातार कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, उन्हें कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। इस वक्त राज्य के 8 जिलों में 486 कंटेनमेंट जोन हैं। प्रदेश के हर जिले में हर दिन कोरोना के नए केस मिल रहे हैं, लेकिन 5 जिलों में स्थिति नियंत्रण से बाहर होती नजर आ रही है। इन पांच जिलों में अब तक कुल 9986 लोग कोरोना पॉजिटिव हैं। यहां तक कि चार जिलों में तो कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 2 हजार पार पहुंच गया है। देहरादून में अब तक कोरोना संक्रमण के 2379 केस मिले हैं। यहां कोरोना संक्रमण के चलते 84 लोगों ने जान गंवाई। हरिद्वार में अब तक 2935 केस रिपोर्ट किए गए, यहां अब तक 12 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है। ऊधमसिंहनगर में अब तक कोरोना संक्रमण के 2223 केस मिले। यहां कोरोना से जान गंवाने वालों का आंकड़ा 11 है।

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नैनीताल में कोरोना संक्रमण के 1740 मामले सामने आ चुके हैं। यहां भी कोरोना से 29 लोगों की मौत हो चुकी है। पहाड़ी जिले टिहरी में भी हालात बेकाबू हो रहे हैं। यहां कोरोना संक्रमण के 709 मामले सामने आ चुके हैं। जिले में दो कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में कोराना संक्रमण रोकथाम के लिए संबंधित इलाकों को कंटेनमेंट जोन बनाकर सील किया जा रहा है। इस वक्त प्रदेश के 8 जिलों में 486 इलाके सील हैं। हरिद्वार जिले में सबसे ज्यादा 381 कंटेनमेंट जोन हैं। यहां रुड़की में 178 इलाके सील हैं। जिनमें खानपुर, आश्रम कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी और गणेशपुर मोहल्ला जैसे इलाके शामिल हैं। भगवानपुर में 26 इलाके सील हैं। जिनमें बहादरपुर, हसनपुर, डांडा पट्टी और खेलपुर जैसे इलाके शामिल हैं। लक्सर में सेठपुर, सिमली, ग्राम भुरनी और जसपुर समेत 7 इलाके सील हैं। हरिद्वार शहर में 170 इलाके सील किए गए हैं। यहां ग्राम अन्नेकी, जमालपुर, गढ़ परगना, त्रिलोक नगर और भगवतीपुरम कॉलोनी जैसे इलाके सील हैं।

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हरिद्वार में ज्वालापुर, कनखल, ग्राम बड़ापुर, तिबड़ी, बादशाहपुर और शिवालिक नगर के कई क्षेत्र कंटेनमेंट जोन की लिस्ट में हैं। राजधानी देहरादून में 8 कंटेनमेंट जोन हैं। ऋषिकेश में ग्राम प्रतीत नगर सील है। विकासनगर में वार्ड नंबर 8, निगम रोड और सुपरमैक्स लैबोरेट्री वाला एरिया सील है। सदर इलाके में दीपलोक कॉलोनी और ब्राह्मणवाला सील हैं। ऊधमसिंहनगर जिले में 38 कंटेनमेंट जोन हैं। खटीमा में 22 इलाके सील हैं। रुद्रपुर में 8 इलाके सील हैं। किच्छा में 3 और जसपुर में 4 कंटेनमेंट जोन हैं। इसी तरह उत्तरकाशी के भटवाड़ी में बड़कोट के दो इलाके सील किए गए हैं। यहां मोरी में नैटवाड़ इलाका सील है। चंपावत जिले में दो कंटेनमेंट जोन हैं। बागेश्वर जिले के बैजनाथ क्षेत्र में अल्मिया बिल्डिंग को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। टिहरी के नरेंद्रनगर में मुनिकीरेती का मोहल्ला शीशमझाड़ी सील है। प्रतापनगर का ग्राम जागनी भी सील है। कीर्तिनगर के घिल्डियाल गांव को भी कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। नैनीताल के हल्द्वानी में मल्ला गोरखपुर, सिंचाई कॉलोनी, शांति विहार और संगम विहार समेत 51 इलाके कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। यहां प्रशासन के अगले आदेश तक पाबंदियां लागू रहेंगी।