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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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देहरादून: राजनीति में सब कुछ अनिश्चित है। मंगलवार सुबह तक त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे, अब पूर्व मुख्यमंत्री हैं। आज त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को अपना इस्तीफा सौंप दिया है, इसी के साथ उत्तराखंड में पिछले चार दिनों से जारी सियासी तूफान थम गया है। उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन की घटना नई नहीं है, लेकिन त्रिवेंद्र सिंह रावत का यूं अचानक मुख्यमंत्री पद से हट जाना, सबको हैरान कर गया। सोमवार तक स्थिति कंट्रोल में लग रही थी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों की अंदरूनी राजनीति त्रिवेंद्र सिंह रावत की विदाई की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री बनने के बाद ही उनके खिलाफ विरोध के सुर उठने लगे थे। बीजेपी के तमाम वरिष्ठ नेता शुरू से ही उनके विरोध में रहे। खैर जैसे-तैसे 4 साल तक त्रिवेंद्र मुख्यमंत्री बने रहे।