दुखद खबर: उत्तराखंड के प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. अनिल पांडे का कोरोना से निधन

आर्यभट्ट प्रेक्षण शोध विज्ञान संस्थान यानी एआरआईईएस के पूर्व निदेशक वैज्ञानिक डॉ. अनिल पांडे का हल्द्वानी में निधन हो गया। वो कोरोना संक्रमण से जूझ रहे थे।
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Coronavirus in uttarakhand: Dr. Anil Pandey died of coronavirus
Image: Dr. Anil Pandey died of coronavirus

देहरादून: कोरोना संक्रमण के चलते देश ने अपने कई होनहार लाल खो दिए। अब एक दुखद खबर नैनीताल से आई है। यहां आर्यभट्ट प्रेक्षण शोध विज्ञान संस्थान यानी एआरआईईएस के पूर्व निदेशक वैज्ञानिक डॉ. अनिल पांडे का हल्द्वानी में निधन हो गया। वो कोरोना संक्रमण से जूझ रहे थे। पिछले दिनों उनकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जिसके बाद उन्हें हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वैज्ञानिक डॉ. अनिल पांडे देश का गौरव थे। उन्हें एक महान वैज्ञानिक के तौर जाना जाता है। कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके वैज्ञानिक डॉ. अनिल पांडे कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। डॉ. पांडे ने देवस्थल में एशिया महाद्वीप की सबसे बड़ी 3.6 मीटर व्यास की दूरबीन को स्थापित करने में हर संभव मदद की थी।

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उनके प्रयास के चलते ही ये प्रोजेक्ट निर्धारित समय में पूरा हो पाया था। वो इस परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर थे। इसके अलावा वो देवस्थल में इंडो, बेल्जियम और कनाडा के सहयोग से लगने वाली चार मीटर व्यास की लिक्विड मिरर दूरबीन परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में भी काम कर चुके थे। डीएसबी से एमएससी करने वाले डॉ. पांडे ने साल 1980 में बतौर साइंटिस्ट एरीज में ज्वाइन किया था। राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी से फेलो डॉ. पांडे के अब तक 150 से अधिक शोध पत्र विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्हें तरुण वैज्ञानिक पुरस्कार और विक्रम साराभाई अवॉर्ड से भी नवाजा गया है। डॉ. पांडे का परिवार हल्द्वानी में रहता है। वो अपने पीछे पत्नी, माता और बेटे को बिलखता छोड़ गए। देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल समेत कई संगठनों ने डॉ. पांडे के निधन पर शोक व्यक्त किया, उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।