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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: हरिद्वार महाकुंभ। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक। बीते महीने संपन्न हुए इस आयोजन को कोरोना का सुपर स्प्रेडर कहा जा रहा है। हर जगह इसी बात पर चर्चा हो रही है कि क्या देश में कोरोना के बीच हुआ महाकुंभ रोका जा सकता था। क्या इसको लेकर उत्तराखंड सरकार ने ऐसी कोई कोशिश की थी। पिछले दिनों एक न्यूज रिपोर्ट में कहा गया था कि हां, ऐसी कोशिशें जरूर हुई थी। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने महाकुंभ को प्रतीकात्मक रखने का प्रयास किया था, लेकिन यही कोशिश उनकी कुर्सी लील गई। चार साल का कार्यकाल पूरा होने के महज 9 दिन पहले त्रिवेंद्र से इस्तीफा ले लिया गया। मीडिया रिपोर्ट में बीजेपी के बड़े नेताओं और अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों से हुई बातचीत के बाद ऐसा दावा किया गया था कि महाकुंभ को सीमित रखने की कोशिश और साधु समाज की नाराजगी के चलते ही त्रिवेंद्र को मुख्यमंत्री पद से हटना पड़ा। हालांकि अब इन तमाम चर्चाओं को लेकर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपना पक्ष साफ कर दिया है।