उत्तराखंड: सुकून की तलाश है तो इन जगहों की सैर पर आएं, बुधवार से पर्यटकों के लिए खुली ये जगहें

बुधवार से देहरादून स्थित चिड़ियाघर आम पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। इसके अलावा पर्यटक ऋषिकेश स्थित चौरासी कुटिया को भी करीब से निहार सकते हैं।
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uttarakhnd unlock: These tourist spots open for people in uttarakhand
Image: These tourist spots open for people in uttarakhand

नैनीताल: कोरोना की रफ्तार थमने के साथ ही जिंदगी एक बार फिर से पटरी पर लौटने लगी है। नैनीताल-मसूरी जैसे शहरों में पर्यटकों की तादाद बढ़ने लगी है। राज्य सरकार की सख्ती के बावजूद लोग बड़ी तादाद में उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। सरकार भी पर्यटन सेक्टर पर लगे लॉक को हटाने के हक में है। पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ ही यहां के पर्यटक स्थलों को लोगों की आवाजाही के लिए खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बुधवार से देहरादून स्थित चिड़ियाघर आम पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। पर्यटक अब अपने परिवार संग यहां वन्यजीवों को करीब से निहारने का आनंद ले सकेंगे।

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ऋषिकेश स्थित महर्षि महेश योगी की भावातीन चौरासी कुटिया में भी आज से पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो गई है। कोरोना कर्फ्यू के चलते चौरासी कुटिया बीते दो महीने से बंद थी। बुधवार से इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। राजाजी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत गौहरी रेंज के अधिकारी धीर सिंह ने इसकी पुष्टि की है। चौरासी कुटिया विश्वविख्यात पर्यटक स्थलों में से एक है। साल 1961 में महर्षि महेश योगी ने इस स्थान को भावातीत योग के लिए 40 वर्षों के लिए लीज पर लिया था। इस कुटिया का संबंध दुनिया में मशहूर बीटल्स ग्रुप से है। वर्ष 1968 में इंग्लैंड के मशहूर बीटल्स ग्रुप के चार सदस्य यहां आए थे। इस दौरान उन्होंने यहां रहकर करीब 40 गाने तैयार किए। योग और ध्यान के रहस्य भी जाने।

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विदेशी पर्यटक इस आश्रम को बीटल्स ग्रुप के नाम से जानते हैं। यहां योग ध्यान के लिए 140 गुबंदनुमा कुटिया और 84 छोटी-छोटी कुटिया बनी हैं। 2015 में पार्क प्रशासन ने इसे दोबारा देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए शुल्क के साथ खोला था। तब से लेकर अब तक इस आश्रम से पार्क प्रशासन को करोड़ों रुपये का राजस्व मिला है। चौरासी कुटिया में टूरिस्ट सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक एंट्री कर सकते हैं। भारतीयों के लिए एंट्री फीस 150 रुपये, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 75 रुपये, छात्रों के लिए 40 से 75 रुपये और विदेशी पर्यटकों के लिए 600 रुपये शुल्क रखा गया है। देहरादून और ऋषिकेश के साथ ही मसूरी-नैनीताल के कई पर्यटक स्थल भी पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं।