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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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देहरादून: उत्तराखंड में कल रात सियासी गलियारों में तब हलचल मच गई जब उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत कल रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कई दिनों से उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा था और आखिरकार कई दिनों से जारी सियासी अटकलों पर विराम लग चुका है और कल उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शुक्रवार की देर रात सवा ग्यारह बजे उन्होंने राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को अपना इस्तीफा सौंपा।उत्तराखंड में यह अलग ही किस्म की राजनीति चल रही है। 4 महीने से त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था और मुख्यमंत्री पद की कमान तीरथ सिंह रावत को सौंपी गई थी मगर दूसरे रावत जी तो मुख्यमंत्री की कुर्सी पर 4 महीने भी नहीं टिक पाए। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री की सीट से इस्तीफा क्यों दिया जबकि उपचुनावों को लेकर उन्होंने हाल ही में कुछ बड़े बयान दिए थे। चलिए आपके सारे डाउट्स क्लियर करते हैं और आपको मुख्यमंत्री के सीट के पीछे की पूरी कहानी से अवगत कराते हैं। तीरथ सिंह रावत ने बीती 10 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी मगर वे तो 4 महीने का कार्यकाल भी पूरा नहीं कर पाए। रावत जी के इस्तीफे की एक बड़ी वजह उपचुनाव रहे हैं। उनको 6 महीने से भीतर उपचुनाव जीतना था। गंगोत्री से उनका लड़ना तय भी हुआ था। मगर चुनाव आयोग ने 10 सितंबर से पहले उपचुनाव करने से मना कर दिया था जिसके बाद तीरथ सिंह रावत के सामने इस्तीफा देने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा। आगे पढ़िए