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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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पिथौरागढ़: संसाधनों की कमी के बावजूद उत्तराखंड की होनहार बेटियां खेलों की दुनिया में खूब नाम कमा रही हैं। पिथौरागढ़ के बड़ालू गांव की रहने वाली निकिता चंद ऐसी ही होनहार बेटियों में से एक हैं। बकरी पालक पिता की इस होनहार बिटिया ने महज 8 साल की उम्र में ही मुक्केबाजी को अपना लक्ष्य बना लिया था, और गांव से निकलकर एशियन चैंपियनशिप तक का सफर तय किया। मूनाकोट के बड़ालू गांव में किसान परिवार में जन्मी निकिता चंद का परिवार आज भी गरीबी में जीवन जीता है। पिता सुरेश चंद खेती-बाड़ी और बकरी पालन कर परिवार का पेट भर रहे हैं। इसी परिवार की बेटी निकिता चंद बीते दिनों एशियन बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल करने में कामयाब रही। जिस वक्त निकिता ने दुबई में गोल्ड मेडल जीता, उस वक्त उनके पिता जंगल में बकरियां चरा रहे थे। पिता के जंगल से लौटने के बाद ग्राम प्रधान ने उन्हें बेटी की सफलता के बारे में बताया तो वो भावुक हो गए। आगे पढ़िए