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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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हरिद्वार: कार्तिक पूर्णिमा पर लोगों में गंगा स्नान (haridwar kartik purnima bath coronavirus) को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। हरिद्वार में कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर श्रद्धालुओं ने गंगा मैया के उद्घोषों के साथ आस्था की डुबकी लगाई। लोग परिवार के साथ गंगा में स्नान करने के लिए पहुंचे। इसके बाद दान-पुण्य कर खुशहाली की मनोकामना की। धर्मनगरी में सात माह बाद फिर कुंभ जैसा नजारा देखने को मिला। हालांकि इस दौरान कोरोना संबंधी नियमों की जमकर धज्जियां उड़ीं। श्रद्धालुओं ने बेखौफ होकर गंगा स्नान किया। न तो श्रद्धालुओं की ओर से मास्क लगाए गए और न स्वास्थ विभाग की ओर से रैंडम जांच की गई। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका भी जन्म ले रही है। हरिद्वार जिले में अब भी कोरोना के केस मिल रहे हैं। बीते दिन श्रद्धालु गंगा स्नान कर पुण्य कमाने के लिए कोविड नियम भी भूल गए। ऐसे में आने वाले दिनों में कोरोना के मामलों में उछाल भी देखने को मिल सकता है। प्रशासन का दावा है कि शुक्रवार को 14 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। तड़के से दोपहर तक स्नान का क्रम चलता रहा। आगे पढ़िए
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