हरक सिंह रावत के बहू अनुकृति समेत कांग्रेस ज्वाइन करने की चर्चाएं हैं, लेकिन सच ये है कि वो अब सियासी मोलभाव की स्थिति में नहीं हैं।
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कोमल नेगी
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Image: Alternatives to Harak Singh Rawat and Anukriti Gusain
देहरादून: बीजेपी ने हरक सिंह रावत के कांग्रेस से मेलजोल को देखते हुए तुरंत अनुशासनात्मक कदम उठा लिया। हरक सिंह रावत अपनी सीट बदलने के अलावा बहू अनुकृति गुसांई और एक अतिरिक्त टिकट के लिए बीजेपी पर दबाव बनाए हुए थे, लेकिन इस बार हरक का दांव काम नहीं आया। बीजेपी ने उन्हें न सिर्फ पार्टी की सदस्यता बल्कि मंत्रिमंडल से भी बाहर कर दिया। अब हरक सिंह रावत के बहू अनुकृति समेत कांग्रेस ज्वाइन करने की चर्चाएं हैं, लेकिन सच ये है कि वो अब सियासी मोलभाव की स्थिति में नहीं हैं। डॉ. हरक सिंह रावत के पास अब कांग्रेस में शामिल होने का अकेला विकल्प बचा है। बीजेपी से निकाले जाने के बाद दिल्ली पहुंचे हरक ने कांग्रेस के कुछ शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। हालांकि उनके निष्कासन की वजह से कांग्रेस नेताओं के तेवरों में भी पहले के मुकाबले कुछ बदलाव देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि हरक जल्द ही कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे।
एक-दो दिन के भीतर हरक को कांग्रेस में सदस्यता दी जा सकती है। लेकिन अब हरक की एंट्री उनकी अपनी नहीं, बल्कि कांग्रेस की शर्तों पर हो सकती है। समय का खेल देखिए, 6 साल पहले हरक ने कांग्रेस से बगावत कर बीजेपी का दामन थामा था, अब बीजेपी से निकाले जाने के बाद उन्हें फिर से कांग्रेस की शरण में आना पड़ रहा है। हरक को बीजेपी ने जिस तरह निष्कासित करते हुए पैदल कर दिया है, उस हालात में हरक की मोलभाव करने की स्थिति नहीं रह गई है। छह साल पहले कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी में गए हरक के राजनीतिक जीवन का पहिया दोबारा से उसी स्थान पर लौट आया है, पर अब हालात बिलकुल अलग हैं। बीजेपी से छुट्टी हो जाने के बाद अब हरक के पास कांग्रेस के अलावा कोई दूसरी उम्मीद नहीं दिखाई दे रही। उन्हें कांग्रेस में जाने पर हर स्तर पर हरीश रावत की सरपस्ती में रहना होगा।