हरक सिह रावत को लेकर कांग्रेस में दो फाड़, इधर हरदा तो उधर प्रीतम और गोदियाल

हरक को कांग्रेस में लेने के पक्ष में आए नेता प्रतिपक्ष प्रीतम और गणेश गोदियाल, क्या हरक को कांग्रेस में मिलेगी जगह?
Advertisement No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..

Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

Example Ads Media
Harak singh rawat: Harak Singh Rawat likely to join Congress
Image: Harak Singh Rawat likely to join Congress

देहरादून: बीजेपी से निकाल दिए गए हरक सिंह रावत दिल्ली जाकर कांग्रेस का दरवाजा खटखटा रहे हैं। हरक को दिल्ली गए आज तीसरा दिन है मगर अभी तक उनकी कांग्रेस में ज्वाइनिंग नहीं हो सकी है। हरक की कांग्रेस में ज्वाइनिंग को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस के शीर्ष नेताओं में मतभेद हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत उनकी घर वापसी के खिलाफ हैं। मगर नेता प्रतिपक्ष प्रीतम और गणेश गोदियाल का रुख इस मामले में नरम है। हरक को उम्मीद थी कि कांग्रेस उनको हाथों-हाथ लेगी, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है। उनकी कांग्रेस वापसी में हरीश रावत सबसे बड़ा रोड़ा हैं। हरीश रावत 2016 में उनकी सरकार गिराने में उनकी भूमिका को लेकर विरोध कर रहे हैं। हरदा का कहना है कि, हरक सिंह रावत की वापसी से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरेगा। हरीश रावत हरक सिंह रावत को एक शर्त पर माफ करने को तैयार हैं। हरदा की शर्त है कि हरक सिंह रावत 2016 की अपनी उस गलती को मानें और माफी मांगें। दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह हरक सिंह रावत की कांग्रेस में वापसी को लेकर खुश हैं। प्रीतम को हरक सिंह रावत से हमदर्दी भी है। हरीश रावत के विरोध को देखते हुए प्रीतम खुलकर हरक का समर्थन नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने भी कह दिया है कि हरक पर फैसला पार्टी हाईकमान करेगा। बताया जा रहा है कि गणेश गोदियाल भी हरक की वापसी को लेकर इच्छुक हैं।उनके बयानों से भी झलक रहा है कि वो हरक का स्वागत करने को तैयार हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि विपत्ति के समय हरक ने भाजपा का साथ दिया था, अब उन्हें जिस प्रकार निष्कासित किया है, नि:संदेह हरक सिंह आहत हुए हैं। हरक की वापसी पर निर्णय पार्टी के शीर्ष नेता लेंगे। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि हरक सिंह हमारे पुराने साथी-सहयोगी रहे हैं। यदि वो वापस आना चाहते हैं तो पार्टी हाईकमान इस पर निर्णय लेगा। उन्होंने कहा कि यदि वो आते हैं तो पार्टी को ताकत मिलेगी।

अब सवाल यह है कि आखिर प्रीतम और गोदियाल क्यों हरक के पक्ष में हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल गढ़वाल मंडल से आते हैं। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह भी गढ़वाल से हैं। हरक सिंह रावत भी गढ़वाल मंडल से ही हैं। ऐसे में इन दोनों नेताओं की सहानुभूति हरक सिंह रावत के प्रति सहज ही समझी जा सकती है। हरीश रावत के खफा होने के बावजूद गणेश गोदियाल अगर हरक सिंह रावत की पैरवी कर रहे हैं तो समझा जा सकता है कि इसमें क्षेत्रीय प्रेम भी झलक रहा है। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 सिर पर हैं। उत्तराखंड में 14 फरवरी को मतदान है। 10 मार्च को उत्तराखंड का चुनाव परिणाम आएगा। समय बहुत कम बचा है लेकिन हरक सिंह रावत की कांग्रेस में वापसी पर अभी कोहरा छाया हुआ है। प्रीतम सिंह और गणेश गोदियाल को हरक की घर वापसी पर कोई दिक्कत नहीं है। मामला हरीश रावत की ओर से अटका हुआ है। हरीश रावत 2016 में हरक द्वारा दिए गए अपमान को भूल नहीं पा रहे हैं। इसीलिए उन्होंने शर्त रखी है कि हरक को पहले पश्चाताप करना होगा। वहीं राजनीतिक विश्लेषक अजीत सिंह का कहना है उनका जनाधार मजबूत है। ऐसे में राज्य की 4-5 सीटों पर सीधे तौर पर असर डाल सकते हैं। साथ ही वह अपने साथ कुछ नेताओं को कांग्रेस में शामिल करा सकते हैं जिसका भाजपा को खामियाजा उठाना पड़ सकता है।