उत्तराखंड: बहू को टिकट दिलवाने की ताक में हरक सिंह रावत, 4 दिन से दिल्ली में डाला डेरा

अब भी पुत्रवधू को टिकट दिलवाने की ताक में बैठे हैं Harak Singh Rawat , कांग्रेस ने अबतक नहीं दी पार्टी में एंट्री
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Harak Singh Rawat: Harak Singh Rawat wants daughter-in-law to get ticket
Image: Harak Singh Rawat wants daughter-in-law to get ticket

देहरादून: उत्तराखंड में Harak Singh Rawat को अब तक कांग्रेस के अंदर जगह नहीं मिल पाई है। भारतीय जनता पार्टी से निष्कासित होने के बाद हरक सिंह रावत पिछले 4 दिनों से राज्य की सियासत के केंद्र में छाए हुए हैं। चार दिन बीत जाने के बाद भी उनको नया आशियाना नहीं मिल पाया है। उम्मीद लगाई जा रही थी कि जिस दिन भारतीय जनता पार्टी ने उनको निष्कासित किया था उसी दिन वह कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं मगर अब तक कांग्रेस ने उनको पार्टी में नहीं शामिल किया है। हालांकि बताया जा रहा है कि पूर्व सीएम हरीश रावत उनसे नाराज चल रहे हैं मगर हरक सिंह रावत उनको मनाने के बाद पार्टी में शामिल हो सकते हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस हरक सिंह रावत को 1 सीट में बांधना चाहती है। हरक सिंह रावत का कहना है कि अगर कांग्रेस चाहती है तो वह चौबट्टाखाल या डोईवाला सीट से चुनाव लड़ने को तैयार हैं। वहीं हरक का कहना है कि उनकी इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह और प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव के साथ बातचीत हुई है और पार्टी के सभी नेता चाहते हैं कि हरक सिंह रावत कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर पार्टी के लिए काम करें। बता दें कि 4 दिन से हरक सिंह रावत दिल्ली में मौजूद हैं और इस दौरान कभी उनकी राहुल गांधी तो कभी सोनिया गांधी से मुलाकात की खबरें उड़ती रहती हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि हरक सिंह रावत को पार्टी में शामिल करने का फार्मूला तो तैयार कर लिया गया है मगर इस पर अभी भी सोच विचार जारी है।

माना जा रहा है पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ रावत की पुत्रवधू को लैंसडौन से टिकट मिल सकती है। हालांकि उनकी पुत्रवधू को लैंसडाउन से टिकट दिलाने पर कांग्रेस के कई दावेदार अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। अभी तक पूर्व मंत्री डॉक्टर हरक सिंह रावत और उनकी पुत्र वधू ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की भी नहीं है कि पार्टी में उनका विरोध होना शुरू हो गया है। इस संबंध में पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप ने तो बकायदा कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र तक लिख दिया है और उन्होंने पत्र में डॉक्टर हरक और उनकी पुत्रवधू को पार्टी में नहीं लिए जाने की बात कही है। राहुल गांधी को लिखे पत्र में प्रताप ने लिखा है कि डॉ रावत की पुत्रवधू को कांग्रेस पार्टी में शामिल और लैंसडाउन से टिकट दिए जाने का कोई मतलब नहीं है। उनका आरोप है कि हरक की पुत्र वधू का समाज सेवा और राजनीति से कोई लेना-देना भी नहीं है। वह अपने ससुर Harak Singh Rawat को आगे कर कांग्रेस पार्टी के टिकट की जुगत में लगी हुई है। उनका कहना है कि सीट पर और अधिक शक्तिशाली कैंडिडेट तैयारी कर रहे हैं ऐसे में कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ताओं को दरकिनार नहीं किया जाना चाहिए।