उत्तराखंड मांगे भू-कानून: सरकारी जमीन पर अवैध कॉलोनी बना रहा था बिल्डर, 8 बीघा जमीन सील

ट्यूलिप होम्स की ओर से सरकारी जमीन पर कब्जा कर विला बनाने का बड़ा मामला सामने आया है। इस निर्माण पर मंगलवार को डीडीए का डंडा चला।
Advertisement Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand

Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.

Example Ads Media
haldwani tulip homes: Tulip Homes built illegal villas in Haldwani
Image: Tulip Homes built illegal villas in Haldwani

हल्द्वानी: चुनाव के वक्त प्रदेश में मजबूत भू-कानून का मुद्दा खूब गूंजा, लेकिन चुनाव खत्म होते ही ये मुद्दा भी ठंडे बस्ते में चला गया।

Tulip Homes built illegal villas in Haldwani

प्रदेश में कमजोर भू-कानून का फायदा बाहरी राज्यों के बिल्डर उठा रहे हैं, ये लोग पहाड़ों में औने-पौने दाम पर जमीनें खरीद रहे हैं। और तो और सरकारी भूमि पर भी कब्जा करने से बाज नहीं आ रहे। हल्द्वानी में डीडीए की टीम ने ऐसे ही दो मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। यहां एक कॉलोनी के निर्माण में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर डीडीए ने कैलाश चंद्र पाठक की इस जमीन को सील कर दिया। राजस्व विभाग को जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। शहर में ट्यूलिप होम्स की ओर से वर्ग चार की जमीन में कब्जा कर विला बनाने का बड़ा मामला भी सामने आया है। इस निर्माण पर मंगलवार को डीडीए का डंडा चला। अधिकारियों ने निर्माण कार्य सील कर, फिर से निर्माण करने पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी है। डीडीए की संयुक्त सचिव व सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह के निर्देशन में टीम सबसे पहले भगवानपुर जयसिंह पहुंची।

जहां 30 बीघा जमीन में दो कॉलोनियां बन रही हैं। जांच मे पता चला कि कॉलोनी निर्माण को लेकर किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई है। जिस पर डीडीए ने जमीन को सील कर दिया। साथ ही राजस्व विभाग को इस भूमि का स्वामित्व स्पष्ट करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह तीन पानी में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सामने ट्यूलिप होम्स की कॉलोनी है। यह भूमि वर्ग चार की है। इसमें निर्माण नहीं हो सकता है। इसके बावजूद मनमाने तरीके से निर्माण किया जा रहा था। इस मामले में सिटी मजिस्ट्रेट ने आठ बीघा भूमि के चिन्हीकरण के निर्देश देने के साथ ही भूमि को तत्काल कब्जे में लिए जाने के निर्देश दिए हैं। डीडीए की संयुक्त सचिव ऋचा सिंह ने कहा कि सरकारी भूमि में अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। बिना नक्शा स्वीकृत कोई भी निर्माण न किया जाए। ऐसे निर्माण की जानकारी मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।