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हरिद्वार: मां के बाद बच्चों के लिए पिता उनका कवच बनकर उनकी रक्षा करते हैं मगर हरिद्वार में तो एक पति ने अपनी पत्नी की मौत के बाद अपनी दोनों बेटियों की ज़िंदगी नरक बना दी।
मां के बाद बेटियों का सहारा बनने की बजाय दो बहनों को उनके पिता ने ठुकरा दिया और हरिद्वार लाकर असहाय छोड़ गया। पुलिस ने दोनों बहनों को नशे की लत लगाकर भीख मंगवाने और शारीरिक शोषण करने वाले नशेड़ी को भी गिरफ्तार कर लिया। पिता द्वारा असहाय छोड़े जाने के बाद दोनों बच्चियों गलत हाथों में आ गईं और यहां गलत हाथों में पड़ने पर दोनों बहनों की जिंदगी नरक से भी बदतर हो गई। पुलिस ने दोनों बहनों को नशे की लत लगाकर भीख मंगवाने और शारीरिक शोषण करने वाले नशेड़ी को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों बहनों को शिशु बालिका गृह देहरादून में आश्रय दिलाते हुए उनके परिवार की खोजबीन शुरू कर दी गई है।
दरअसल धर्मनगरी हरिद्वार में बाल अपराध बेहद बढ़ गया है। सड़कों पर छोटे छोटे बच्चे भीख मांगते और नशा करते नजर आते हैं। बाल अपराध की रोकथाम और भिक्षावृत्ति कराने वाले अपराधियों को पकड़ने के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकल सेल की नोडल अधिकारी व सीओ आपरेशन निहारिका सेमवाल को निर्देशित किया गया। इसी अभियान के तहत सेल प्रभारी राकेंद्र कठैत की टीम को पता चला कि रोड़ीबेलवाला क्षेत्र में एक नशेड़ी दो नाबालिग बहनों से भीख मंगवाता है। पुलिस ने आरोपित प्रिंस निवासी रोड़ीबेलवाला को गिरफ्तार करते हुए उसके कब्जे से दो नाबालिग सगी बहनों को मुक्त कराया। पूछताछ में दोनों बहनों ने बताया कि करीब ढाई साल पहले उनकी मां की मौत हो गई थी। उनके पिता दोनों बहनों को हरिद्वार छोड़कर चला गया था। कुछ समय तक इधर-उधर भटकने के बाद रोड़ीबेलवाला के प्रिंस ने डरा-धमकाकर पहले जबरन फ्लूड का नशा कराया। फिर उनका शारीरिक शोषण किया। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट भी की जाती। वह काफी दिनों से आरोपित हरकी पैड़ी में दोनों बहनों से भीख मंगवा रहा था। पुलिस ने आरोपित प्रिंस के खिलाफ पोक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपित को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि दोनों बालिकाओं को शिशु बालिका गृह केदारपुरम देहरादून में आश्रय दिलाया गया है। पुलिस उनके पिता की खोजबीन में जुट गई है।