देहरादून में घर लेने से पहले सावधान, कहीं आपके साथ न हो जाए करोड़ों का कांड

अगर आप भी देहरादून में घर लेने की सोच रहे हैं तो सावधान! हुआ करोड़ों का कांड, चौंकाने वाले मामला
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Dehradun property latest update : Dehradun Property Artigo Residency fraud Case
Image: Dehradun Property Artigo Residency fraud Case

देहरादून: अगर आप भी देहरादून में प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं तो जरा सावधान हो जाइए क्योंकि देहरादून में प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने के नाम पर धड़ल्ले से बेईमानी की जा रही है।

Dehradun Artigo Residency fraud Case

अब राजपुर में फ्लैट दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का चौंका देने वाला मामला सामने आया है। फ्लैट दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में राजपुर थाना पुलिस ने रियल एस्टेट कंपनी के तीन निदेशकों समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि कंपनी ने दो फ्लैट बेचने के लिए दंपती के नाम से बैंक से एक करोड़ 51 लाख का लोन कराया और धनराशि अपने बैंक खातों में जमा करा ली। इसके बाद निर्माण पूरा होने पर फ्लैट की रजिस्ट्री करने की बात कही, लेकिन बाद में मुकर गए। दंपती करीब अभी तक 35 लाख रुपये बैंक के तौर पर भर चुके हैं। नेहा रतूड़ी निवासी नथुवावाला ने तहरीर दी है कि उनकी और उनके पति विपिन रतूड़ी की मुलाकात गौरव आहूजा निवासी विजयपार्क एक्सटेंशन से हुई थी।

Fraud in name of flat in dehradun

गौरव ने कहा था कि उनके परिचित बिल्डर मसूरी रोड पर एक लग्जरी अपार्टमेंट बना रहे हैं। इसके लिए उसने एसए बिल्डटेक के निदेशक प्रेमदत्त शर्मा, सुनीता शर्मा, आराधना शर्मा और अरुण सैगन से मुलाकात कराई। उन्होंने इस प्रोजेक्ट का नाम आर्टिगो रेजीडेंसी बताया। वह उक्त जगह लेकर भी गए, जहां निर्माण चल रहा था। पीड़ित ने उनसे दो फ्लैटों का सौदा कर लिया। कुल 1.81 करोड़ रुपये में सौदा हुआ। उन्होंने नेहा रतूड़ी से कहा कि वह आइसीआइसीआइ बैंक से फ्लैट के लिए लोन करा देंगे और जब तक निर्माण पूरा नहीं हो जाता तब तक इस लोन की किश्तें भी कंपनी ही भरेगी। विश्वास कर नेहा और उनके पति ने उन्हें दस्तावेज दे दिए और इनके आधार पर एसए बिल्डटेक के निदेशकों ने उनके नाम पर 1.51 करोड़ रुपये का लोन लेकर अपने खातों में डाल दिया। कुछ माह तक उन्होंने बैंक में किश्तें जमा कीं, लेकिन बाद में बंद कर दी गईं। जब उन्होंने फ्लैट की रजिस्ट्री करने को कहा तो आरोपित मुकर गए। इसके बाद उन्होंने जांच कराई तो पता चला कि जिस जमीन पर आर्टिगो रेजीडेंसी बन रही थी, उसके मालिक और एसए बिल्डटेक के निदेशकों में विवाद हो गया है। और बाकी एमआई नहीं जा रही है। उसके बाद उन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की गहराई से जांच पड़ताल शुरू कर दी है।