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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड में आफत की बारिश से किसानों और पशुपालकों पर बड़ी बुरी बीत रही है।
जौनसार क्षेत्र में जहां किसानों की सेब की फसल बर्बाद हो गई है तो वहीं बिजली गिरने से पशुओं की मौत की खबरें भी लगातार सामने आ रही हैं। ऐसी ही एक घटना टिहरी के घनसाली में भी हुई है। यहां पांवली बुग्याल के धोरांश तोक में बिजली गिरने से 100 से ज्यादा भेड़ बकरियों की मौत हो गई। राजस्व उपनिरीक्षक व पशुपालन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। जानकारी के मुताबिक भिलंग पट्टी के कैलबागी गांव निवासी त्रिलोक सिंह राणा अपनी बकरियों को लेकर पंवाली बुग्याल धोरांश गए हुए थे। पिछले एक हफ्ते से बकरियां यहीं धोरांश में घास चर रही थीं, इस दौरान 11 जुलाई को क्षेत्र में मौसम अचानक खराब हो गया।
इस दौरान बिजली गिरने से सौ भेड़-बकरियों की मौत हो गई। त्रिलोक राणा इसकी सूचना प्रशासन को देना चाहते थे, लेकिन नेटवर्क न होने की वजह से वो ऐसा नहीं कर पाए। बाद में तहसील क्षेत्र पहुंचने पर उन्होंने किसी तरह प्रशासन तक इस बात की सूचना पहुंचाई। एसडीएम केएन गोस्वामी ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि राजस्व उप निरीक्षक और पशु पालन विभाग की टीम को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है। घुत्तू से पंवाली की दूरी 18 किमी है, जल्द ही टीम गांव में पहुंच जाएगी। उधर ऐसी ही घटना कोटद्वार में भी हुई है। यहां आकाशीय बिजली गिरने से द्वारीखाल में 4 बकरियों और एक गाय की मौत हो गई। घटना के बाद से पीड़ित पशुपालक गहरे सदमे में हैं। दैवीय आपदा ने उनसे आजीविका का साधन छीन लिया। पीड़ितों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।