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Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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देहरादून: देहरादून जिले में हाल ही में रजिस्ट्रार कार्यालय के कर्मचारियों और भू माफिया की मिली भगत से रिकार्ड रूम के अंदर असली रजिस्ट्री को बदलने और गायब का मामला सामने आया
जिसके बाद जिलाधिकारी ने इसपर गंभीर कार्यवाही की। जांच पर पाया गया कि यह काम करने के लिए गैंग संचालित किया जा रहा था। जनसुनवाई में कुछ मामले सामने आने के बाद जिलाधिकारी सोनिका ने जांच बिठाई तो गैंग का पर्दाफाश हुआ। जांच में सामने आया कि रिकार्ड रूम में असली रजिस्ट्री को बदल कर उसके स्थान पर भू माफिया अपने अनुसार फर्जी दस्तावेजों को रिकार्ड में शामिल करा रहे थे। और इसके चलते कई लोग अपनी पुश्तैनी जमीनों से मालिकाना हक खो चुके थे। आगे पढ़िए
जांच में यह भी सामने आया कि बड़े पैमाने पर फर्जी विक्रय, दानपत्र, अभिलेखों में छेड़छाड़ कर भू माफिया को लाभ पहुंचाने का खेल अभी का नहीं है, बल्कि सालों से चल रहा था। हाल ही में देहरादून में 4 ऐसे केस पाए गए। जांच में चारों मामलों में नकली रजिस्ट्री को रिकार्ड में शामिल किया जाना पाया गया। एडीएम वित्त रामजी लाल शर्मा ने बताया कि सीलिंग भूमि, अतिरिक्त घोषित भूमि और चाय बागान, शत्रु सम्पत्ति समेत कई अन्य संपत्तियों पर फर्जी कागजों के जरिए भू माफियाओं ने मालिकाना हक जताकर कब्जा करने के प्रयास किए हैं। इस प्रकरण में शामिल लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। इन सभी के खिलाफ रिपेार्ट दर्ज कराने के आदेश दे दिए गए हैं। किसी भी हालत में इनको बख्शा नहीं जाएगा।