Advertisement
केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में लगातार बढ़ रहे जमीन के धोखाधड़ी के केसों को देखते हुए अब डीएम वन्दना एक्शन मोड में दिखाई दे रही हैं।
हल्द्वानी क्षेत्र तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में काफी लंबे समय से प्रॉपर्टी डीलर अवैध कॉलोनी काटकर अपना फायदा देख रहे हैं और रेरा एक्ट का उल्लंघन कर रहे हैं। बता दें कि लगातार डीलरों द्वारा रेरा एक्ट का उल्लंघन कर अवैध कालोनियां बनाकर जमीन बेची जा रही हैं। जब जिलाधिकारी वंदना को इसकी खबर पड़ी तो उन्होंने खुद पूरे मामले की जांच की और पाया कि कई प्रॉपर्टी डीलर चीटिंग कर रहे हैं। प्रॉपर्टी डीलरों की सारी सच्चाई सामने आ गई। जिसके बाद डीएम वंदना ने रेरा के एक्ट का अनुपालन करने तथा केवल शपथ पत्र पर निर्भर न रहकर तहसील से रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद रजिस्ट्री किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गोलापार तथा रामनगर क्षेत्र की कुछ कॉलोनियों में बार-बार रेरा का उल्लंघन हो रहा था। डीएम वंदना का कहना है कि यदि प्रॉपर्टी डीलर रेरा के अनुपालन करते हुए कॉलोनियां डिवेलप करते हैं तो वे वैध की कैटेगरी में आएंगी। वहीं अवैध कॉलोनी के खिलाफ प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा रही है। जांच में भी जिन स्थानों पर गलत शपथ पत्र पाए जाऐंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रेरा यानी कि रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी, जिसका उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र को रेग्युलेट करना और घर खरीदारों की समस्याओं का समाधान करना है। इसमें ग्राहकों के हितों की रक्षा और उनकी जिम्मेदारी सुनिश्चित करना है। साथ ही पारदर्शिता सुनिश्चित करना और धोखाधड़ी के मामलों को घटाना भी इसका उद्देश्य है। रेरा भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री का पहला रेगुलेटर है। रियल एस्टेट एक्ट के तहत यह अनिवार्य किया गया है कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने रेगुलेटर और नियमों का गठन करेंगे, जिसके मुताबिक कामकाज होगा। अबतक ऐसा देखा जा रहा था कि नैनीताल में कुछ कॉलोनी में प्रॉपर्टी डीलर इसका पालन नहीं कर रहे थे। ऐसे में अब उनके ऊपर जिलाधिकारी ने गाज गिरा दी है और केवल वैध कॉलोनीयों के निर्माण की ही अनुमति दी है।