देहरादून में करोड़ों की जमीन में हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा, अब तक 16 गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला

आखिरकार पुलिस ने फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। मामले में अब तक 16 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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Dehradun property fraud paper: Gang making fake land documents in Dehradun
Image: Gang making fake land documents in Dehradun

देहरादून: देहरादून पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। यहां इंग्लैंड निवासी एनआरआई महिला की करोड़ों की भूमि के फर्जी दस्तावेज बनाए गए।

Gang making fake land documents in Dehradun

आखिरकार पुलिस ने फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। मामले में अब तक 16 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरोह के सदस्य ओमवीर सिंह के खिलाफ जमीन धोखाधड़ी के कई मुकदमे दर्ज हैं। इस गिरोह के लोग देहरादून मेंकाफी समय से खाली पड़ी जमीनों पर नजर रखते थे। इसके बाद मौका मिलते ही जमीनों के फर्जी कागज तैयार कर लिए जाते थे और अन्य लोगों को बेच दिया करते थे। इस फर्जी रजिस्ट्री मामले में 16 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आपको बता दें कि देहरादून में कई जमीनों के फर्जी तरीके से बैनामे और अन्य दस्तावेजों तैयार किए गए। आगे पढ़िए

इसके बाद रजिस्ट्रार कार्यालय में फर्जी व्यक्तियों के नाम पर इन जमीनों को दर्ज किया गया। कोतवाली नगर देहरादून में अब तक 9 मुकदमे पंजीकृत कराए जा चुके हैं। 6 अक्टूबर को आरोपी अजय मोहन पालिवाल को गिरफ्तार किया तो बड़े खुलासे हुए। जानकारी मिली कि अजय मोहन फॉरेंसिक एक्सपर्ट था। उसने आरोपी कमल बिरमानी, केपी सिंह आदि के साथ मिलकर कई बड़े फर्जीवाड़े किए थे। जमीनों के फर्जी बैनामों में फर्जी राइटिंग और हस्ताक्षर बनाए गए। इन्होंने एनआरआई महिला रक्षा सिन्हा की राजपुर रोड पर स्थित जमीन के फर्जी बैनामा तैयार कर लिया। इस जमीन के कागज को राम रतन शर्मा के नाम से बनाया गया। ओमवीर सिंह का पहले से ही जमीनों के फर्जीवाड़े का आपराधिक इतिहास रहा है। पहले भी कई विवादित जमीनों में इसकी संलिप्तता रही है।