ये लोग फर्जी दस्तावेज के सहारे नकली भूस्वामी बनाकर जमीन बेचते थे। अब तक कई लोगों से लाखों की ठगी कर चुके हैं। जानिए पूरा मामला।
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कोमल नेगी
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Image: Dead persons land sold fraudulently in Kotdwar Uttarakhand
कोटद्वार: उत्तराखंड में जमीन की खरीद-फरोख्त के दौरान धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कोटद्वार में ऐसे ही एक मामले में महिला समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
Dead persons land sold fraudulently in Kotdwar
इन पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन बेचने का आरोप लगा है। 15 अगस्त को इस मामले में अमित जोशी ने कोटद्वार कोतवाली में केस दर्ज कराया था। जिसमें पीड़ित ने बताया कि उनके जीजा पूर्व पीसीएस अफसर स्वर्गीय बद्री विशाल निवासी कालाबड़ के नाम पर ग्राम दुर्गापुरी मोटाढाक स्थित उनकी भूमि धोखे से बेच दी गई। आरोप है कि अनामिका मैठाणी, कुसुम उर्फ कौशर और निधि बिंजोला ने आपराधिक षड्यंत्र कर किरण देवी निवासी कोटद्वार को 23 लाख में जमीन बेची। वहीं एक दूसरे मामले में सुनीता देवी पत्नी विकेश सिंह नेगी निवासी दुर्गापुर से जमीन के फर्जी दस्तावेज के जरिए 13 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
मामले में कुसुम उर्फ कौशर पत्नी मकबूल अहमद, भूपेन्द्र पुत्र गोपीचंद्र और गजेन्द्र चौधरी की भूमिका सामने आई। जिन्हें पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। ये लोग फर्जी दस्तावेज के सहारे नकली भूस्वामी को सामने लाकर जमीन बेचते थे। अनामिका मैठाणी और निधि बिंजोला ने इसी तरह षड्यंत्र के तहत गजेन्द्र सिंह को फर्जी बद्री विशाल बनाकर फर्जी दस्तावेज बनाए थे, जिसके बाद बद्री विशाल के नाम पर दुर्गापुरी मोटाढाक की भूमि को किरण देवी को बेच दिया गया। अनामिका ने सगी बहन सुमन मैठाणी के नाम पर भी भूमि की रजिस्ट्री की गई। रजिस्ट्री में भूपेंद्र ने गवाही दी। रजिस्ट्री एक महिला वकील ने कराई। भूपेंद्र वकील का सहायक था। वहीं पकड़ी गई आरोपी कौशर पति मकबूल अहमद के साथ प्रॉपर्टी का काम करती है। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।