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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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नैनीताल के भीमताल ब्लॉक के लिए गुलदार औऱ बाघ के खौफ का सबब बन गए हैं। मंगलवार को भीमताल के अलचौना गांव में 18 साल की किशोरी निकिता शर्मा की बाघ के हमले में मौत हो गई। अलचौना ताड़ा गांव में निकिता अपने घऱ के नजदीक खेत में काम कर रही थी। अचानक शाम को करीब 5 बजे बाघ निकिता पर झपटा औऱ उसे मौत के घाट उतार दिया। निकिता का शोर सुनकर ग्रामीण दौड़कर आए लेकिन तब तक बाघ झाड़ियों की ओर भाग गया और निकिता दम तोड़ चुकी थी। हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। बीते कुछ दिनों से इस क्षेत्र में लगातार बाघ देखा जा रहा था और बाघ के हमले की खबरें भी सामने आ रही थी। आगे पढ़िए
गांव वालों का कहना है कि इसकी शिकायत वन विभाग से भी की गई थी। इसके बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया गया और नतीजा 18 साल की लड़की को अपनी जान गंवानी पड़ी। हादसे के बाद ग्रामीणों में वन विभाग की लापरवाही पर आक्रोश है। लोग बाघ और गुलदारों को आदमखोर घोषित कर उन्हें मारने की मांग कर रहे हैं। आपको बता दें कि 7 दिसंबर को भीमताल के मलुवाताल में तेंदुए ने हमला करके महिला को मौत के घाट उतार दिया। 9 दिसंबर को भीमताल के ही पिनरों गांव में खेत में घास काट रही महिला को तेंदुए ने शिकार बनाया। इस घटना के बाद वनविभाग ने तेंदुए को आदमखोर घोषित कर मारने के आदेश दिए थे। लेकिन मामला हाईकोर्ट में गया तो हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। अब एक बार फिर बाघ के हमले (Bhimtal Tiger terror) से लोगों में दहशत है।