सीएम धामी कैबिनेट ने उत्तराखंड पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2025 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की भी मंजूरी दे दी है। इसके नियम लागू होने के बाद दो से ज्यादा संतानों वाले भी पंचायत चुनाव लड़ सकेंगे.. पढ़िए
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शैलेश नौटियाल
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Image: Cabinet approves Uttarakhand Panchayati Raj Amendment Bill 2025
देहरादून: बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में देहरादून सचिवालय में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में CM धामी कैबिनेट ने 26 महत्वपूर्ण मंजूरियां दीं, जिनमें उत्तराखंड पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2025 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की भी मंजूरी दी गई। इसमें कुछ बड़े बदलाव हुए हैं, जिनमें दो से अधिक संतानों और ओबीसी आरक्षण के मुद्दे शामिल हैं।
Cabinet approves Uttarakhand Panchayati Raj Amendment Bill 2025
दरअसल, उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले राज्य सरकार ने दो अहम फैसले लिए थे। जिनमें पहला था.. 25 जुलाई 2019 से पहले जिन लोगों के दो से अधिक जीवित संतानें हैं, वे भी पंचायत चुनाव लड़ सकेंगे। दूसरा, पंचायतों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को आबादी के अनुपात में आरक्षण का लाभ मिलेगा। उत्तराखंड सरकार द्वारा लाए गए इस संशोधन विधेयक को विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। अध्यादेश के माध्यम से पहले ही इस पर कार्यवाही शुरू कर दी गई है, और अब इसे विधायी मान्यता देने की प्रक्रिया शुरू होगी।
पुराने नियम से कैसे है अलग ?
उत्तराखंड पंचायती राज विधेयक एकल सदस्यीय समर्पित आयोग की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है। पुराने नियम के अनुसार, 25 जुलाई 2019 के बाद जिनकी दो से अधिक जीवित संतान हैं, वे पंचायत चुनाव लड़ने के अयोग्य थे अब नये संशोधन के बाद 25 जुलाई 2019 से पहले जिनके दो से अधिक संतान हैं, उन्हें भी पात्रता मिलेगी। नए नियम के अनुसार अब पंचायतों में जनसंख्या के आधार पर ओबीसी को आरक्षण दिया जाएगा, इससे ओबीसी का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। उत्तराखंड कैबिनेट के अगले मानसून सत्र में विधेयक पारित होगा और ये नए नियम स्थायी रूप से लागू होंगे।