उत्तराखंड: जान से मारने की धमकी देकर लूटता था जमीन, गिरोह चला रहा भाजपा पार्षद गिरफ्तार

एसटीएफ ने मामले की पुष्टि के बाद भाजपा पार्षद मनीष को हिरासत में लेकर गंगनहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया और आगे की कार्रवाई के लिए उसे देहरादून लाया गया। भाजपा ने पार्षद की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही उसे पार्टी से निष्कासित कर दिया।
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BJP Councillor Arrested: Dehradun STF arrested BJP Councillor Manish Valmiki
Image: Dehradun STF arrested BJP Councillor Manish Valmiki

रुड़की: देहरादून एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रुड़की में भाजपा पार्षद मनीष वाल्मीकि उर्फ बॉलर को गिरफ्तार किया। पार्षद पर आरोप है कि उसने एक महिला और उसके परिवार को डरा-धमकाकर उनकी जमीन पर कब्जा करने और फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेचने की साजिश रची। पुलिस जांच में आरोपी के संबंध कुख्यात बदमाश प्रवीण वाल्मीकि के साथ जुड़े मिले। पार्षद की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही भाजपा ने भी उसे तत्काल पार्टी से निष्कासित कर दिया।

Dehradun STF arrested BJP councilor Manish Valmiki

जानकारी के अनुसार बीते 27 अगस्त बुधवार देर शाम देहरादून से एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की टीम रुड़की पहुंची. जहां STF की टीम द्वारा भाजपा पार्षद मनीष बॉलर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. एसटीएफ ने भाजपा पार्षद मनीष उर्फ बॉलर के खिलाफ गंगनहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया, उसे देहरादून ले आई। उधर पार्षद मनीष की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग गंगनहर कोतवाली के बाहर इकट्ठा हो गए। देर रात तक भीड़ मौके पर डटी रही। पुलिस अधिकारियों ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत किया और घर भेजा।

जान से मारने की धमकी देकर जमीनों पर कब्जा

एसटीएफ निरीक्षक नंद किशोर भट्ट ने गंगनहर कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्हें एक शिकायती पत्र प्राप्त हुआ था। इसमें आरोप लगाया गया था कि रुड़की के रामनगर में स्थित नई वाल्मीकि बस्ती का निवासी कुख्यात अपराधी प्रवीण वाल्मीकि का भतीजा मनीष उर्फ बॉलर, उसके सहयोगी राजकुमार और अंकित के साथ मिलकर एक संगठित आपराधिक गिरोह चला रहा है। यह गिरोह प्रवीण वाल्मीकि के नाम पर लोगों को जान से मारने की धमकी देकर उनकी जमीनों पर कब्जा करता है और फर्जी दस्तावेजों के जरिये जमीन की खरीद-फरोख्त करता था।

पीड़िता के देवर की हत्या

एसटीएफ द्वारा की गई जांच में सामने आया कि सुनहरा गांव निवासी रेखा पत्नी स्व. श्याम बिहारी की जमीनों पर मनीष और उसके साथियों ने कब्जा करने की कोशिश की। दरअसल साल 2014 में रेखा के पति श्याम बिहारी का निधन हो चुका था और उनके नाम पर काफी संपत्ति थी। पति की मौत के बाद मनीष गैंग ने रेखा पर दबाव डाला कि वो अपनी जमीन उनके नाम पर कर दे। जब रेखा के देवर कृष्ण गोपाल ने आरोपियों का विरोध किया, तो प्रवीण वाल्मीकि ने 2018 में अपने शूटरों से गोपाल की हत्या करवा दी। उसके बाद जब रेखा का भाई सुभाष इस मामले की पैरवी करने लगा, तो मनीष और उसके साथियों ने साल 2019 में उन पर भी जानलेवा हमला किया, वो तो गनीमत रही कि सुभाष की जान बच गई। इसके बाद गैंग ने रेखा से ₹5 लाख की फिरौती भी मांगी, और धमकी दी कि यदि उसने पैसे नहीं दिए तो वे उसे और उसके बच्चों को जान से मार देंगे।

पार्टी से निष्कासित

मनीष गैंग की धमकियों के बाद मजबूरी में रेखा अपने बच्चों के साथ अपना घर छोड़कर एक अज्ञात स्थान पर रहने लगी। इस दौरान मनीष गैंग ने रेखा की जमीनों के फर्जी दस्तावेज बनाकर उन्हें बेचने की भी योजना बनाई। एसटीएफ ने मामले की पुष्टि के बाद भाजपा पार्षद मनीष उर्फ बॉलर को हिरासत में लेकर गंगनहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया और आरोपी को देहरादून लाया गया। इस मामले में अब आगे की कार्रवाई देहरादून में की जाएगी। इसके अलावा आरोपी मनीष के साथ ही उसके दोनों साथी राजकुमार और अंकित को गिरफ्तार कर लिया गया है। उधर भारतीय जनता पार्टी को जैसे ही आरोपी पार्षद मनीष बॉलर की गिरफ्तारी की सूचना मिली, वैसे ही भाजपा ने उसे तत्काल पार्टी से निष्कासित कर दिया।