उत्तराखंड: दो जिलों में फैला रहस्यमयी बीमारी का प्रकोप, 15 दिन के भीतर 10 लोगों की मौत

जानकारी के अनुसार रहस्यमयी वायरल बीमारी के फैलने से से 15 दिन के भीतर अल्मोड़ा जिले के धौलादेवी ब्लॉक में सात और हरिद्वार के रुड़की क्षेत्र में तीन लोगों की मृत्यु हो गई है।
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mysterious viral illness: 10 people die of mysterious viral illness in Haridwar and Almora
Image: 10 people die of mysterious viral illness in Haridwar and Almora

हरिद्वार: उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बीते कुछ दिनों से एक रहस्यमयी वायरल बीमारी ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। प्रदेश के अल्मोड़ा और हरिद्वार जिलों में पिछले 15 दिनों के भीतर 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। लगातार बढ़ते मामलों ने लोगों में भय का माहौल उत्पन्न कर दिया है।

10 people die of mysterious viral illness in Haridwar and Almora

जानकारी के अनुसार इस रहस्यमयी बीमारी के प्रकोप से 15 दिन के भीतर अल्मोड़ा जिले के धौलादेवी ब्लॉक में सात और हरिद्वार के रुड़की क्षेत्र में तीन लोगों की मृत्यु हो गई है। अचानक बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अल्मोड़ा के धौलादेवी ब्लॉक में बड़ी संख्या में लोग तेज़ बुखार और प्लेटलेट काउंट में अचानक गिरावट के लक्षणों के साथ अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। कई मामलों में मरीजों की हालत बिगड़ने के बाद मौतें दर्ज की गई हैं। बीते शुक्रवार को बिबड़ी गांव के 70 वर्षीय गंगा दत्त जोशी की तेज़ बुखार से मौत हो गई। इससे पहले गांव के ही मदन राम की भी वायरल बुखार के चलते मौत हो चुकी है। उन्हें अल्मोड़ा के बेस अस्पताल से हल्द्वानी रेफर किया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। जागेश्वर की आशा कार्यकर्ता हंसी भट्ट, खेती गांव के पंडित शैलेंद्र पांडे, और नैनी बजेला के गोविंद सिंह खानी की मौत इलाज के दौरान प्लेटलेट्स के अचानक गिरने से हुई बताई जा रही है।

क्षतिग्रस्त सड़क के कारण अस्पताल पहुंचने में देरी

स्थानीय लोगों के अनुसार, धौलादेवी ब्लॉक के बिबड़ी, खेती, नैनी बजेला और जागेश्वर गांवों में बुखार के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। धौलादेवी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पिछले एक महीने से क्षतिग्रस्त है, जिससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचान मुश्किल हो रहा है। सड़क बंद होने से मरीजों को खच्चरों या पैदल रास्तों से अस्पताल ले जाना पड़ रहा है। इससे कई बार इलाज में देरी हो रही है और मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़कों की मरम्मत, स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की मांग की है।

स्वास्थ्य सचिव ने CMO को दिए आदेश

राज्य के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अल्मोड़ा और हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। अल्मोड़ा के CMO को धौलादेवी में एक विशेष जांच टीम भेजने के आदेश दिए गए हैं। यह टीम मरीजों का तत्काल इलाज करने के साथ ही परीक्षण के लिए रक्त और जल के नमूने भी एकत्र करेगी। हरिद्वार के CMO को रुड़की क्षेत्र में हुई तीन मौतों की जांच रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि बीमारी के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और आगे फैलने से रोका जा सके।

लक्षण दिखने पर तुरंत करें इलाज

स्वास्थ्य विभाग ने अल्मोड़ा और हरिद्वार दोनों जिलों में घर-घर जाकर स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया है। अब तक सैकड़ों लोगों की जांच की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित इलाकों से जल स्रोतों के सैंपल भी लिए गए हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें तेज बुखार, कमजोरी, या प्लेटलेट्स गिरने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।