गढ़वाल: बाहरी लोग दे रहे शादी का प्रलोभन, मानव तस्करी-शोषण का शिकार हो रही युवतियां.. जांच के आदेश

आईजी राजीव स्वरूप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानव तस्करी में लिप्त आरोपियों का व्यापक डेटाबेस बनाने और इस श्रेणी के अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने के भी निर्देश दिए।
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human trafficking: Girl falling victim to human trafficking and exploitation
Image: Girl falling victim to human trafficking and exploitation

देहरादून: उत्तराखंड में बाहरी राज्यों के लोगों द्वारा युवतियों को प्रलोभन देकर विवाह के लिए अपने साथ ले जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इन मामलों में मानव तस्करी और शोषण की संभावनाओं को देखते हुए पुलिस अब पूरी तरह सतर्क हो गई है। गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राजीव स्वरूप ने इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

Young women falling victim to human trafficking and exploitation

बीते शनिवार को आयोजित समीक्षा बैठक में आईजी राजीव स्वरूप ने अधिकारियों निर्देश दिए कि ऐसे इलाकों को चिन्हित किया जाए जहां से युवतियों को बहला-फुसलाकर ले जाने की घटनाओं की अधिक आशंका है। उन्होंने मानव तस्करी में लिप्त आरोपियों का व्यापक डेटाबेस बनाने और इस श्रेणी के अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने के भी निर्देश दिए। इस बैठक में गढ़वाल मंडल के सातों जिलों की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के कार्यों की समीक्षा की गई। आईजी ने यह भी जानकारी ली कि किन जिलों में जांच लंबित है। जिसमें उन्हें पता लगा कि देहरादून में 6 मामले, हरिद्वार में 8 मामले और पौड़ी में 1 मामला अभी जांच के अधीन है।

गुमशुदा बच्चों के मामलों पर विशेष ध्यान

आईजी स्वरूप ने गुमशुदा बच्चों के मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों की गुमशुदगी की जांच, पंजीकरण के तुरंत बाद AHTU को सौंप दी जाए। इसके साथ ही पिछले पांच वर्षों में हुई गुमशुदगी व बरामदगी के मामलों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर आपदा में अनाथ हुए बच्चों का डेटाबेस बनाने और उनके लिए सुरक्षित आश्रय व संपूर्ण देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

नाबालिग बच्चों से करवा रहे भिक्षावृत्ति

पुलिस को कई शिकायतें मिली हैं कि कई लोग नाबालिग बच्चों को अपना पुत्र-पुत्री बताकर उनसे भिक्षावृत्ति करवाते हैं। आईजी ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी बाल आश्रय गृहों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या शोषण की संभावना न रहे। शनिवार को देहरादून पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिलेभर में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के तहत पुलिस द्वारा 1400 वाहनों की जांच की गई, 2700 व्यक्तियों से पूछताछ की गई।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि सीमावर्ती चेक पोस्टों, आंतरिक मार्गों, धार्मिक स्थलों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर तैनात पुलिस टीमों ने लगातार जांच की गई। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों का सत्यापन भी किया गया।

गुमशुदा हुए बच्चों की रिपोर्ट

आईजी स्वरूप ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पिछले तीन वर्षों में गुमशुदा हुए बच्चों (बालक और बालिकाओं) की क्रमवार बरामदगी रिपोर्ट तैयार की जाए। इसके तहत जिला DCRB सेल को गुमशुदा बच्चों, महिलाओं और पुरुषों का विस्तृत दस्तावेज तैयार करने, AHTU को लावारिस शवों की सूची तैयार करने और सीमावर्ती राज्यों से मानव तस्करी में संलिप्त संदिग्धों की सूची प्राप्त कर डेटाबेस में शामिल करने को कहा गया है।