उत्तराखंड: कोर्स पूरा होने में देरी से अवसाद में गया छात्र, ली अपनी जान.. ऋषिकुल कॉलेज में तालाबंदी

हरिद्वार के ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज के BAMS छात्र यशपाल की आत्महत्या के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन। एग्जाम में देरी और डिग्री पूरी होने में 6–7 साल लगने के आरोप, कॉलेज में तालाबंदी और जांच की मांग।
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
Haridwar BAMS student suicide: BAMS Student Death Triggers Protest in Rishikul Ayurveda College
Image: BAMS Student Death Triggers Protest in Rishikul Ayurveda College

हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज के BAMS छात्र यशपाल (23) की आत्महत्या के बाद भारी हंगामा खड़ा हो गया है। गुस्साए छात्रों ने कॉलेज और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए तालाबंदी कर दी। छात्रों का आरोप है कि समय पर परीक्षा न होने और डिग्री पूरी करने में 6–7 साल लगने से वे मानसिक दबाव में आ रहे हैं।

BAMS Student Death Triggers Protest in Rishikul Ayurveda College

जानकारी के अनुसार बीते गुरुवार को परीक्षा देने के बाद 7 फरवरी को यशपाल अपने कमरे से निकले, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। कमरे की तलाशी लेने पर एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति और हताशा का जिक्र किया था। लगातार खोजबीन के बाद आज यानि 14 फरवरी को पथरी पावर हाउस के पास गंगा में उनका शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।

एग्जाम में देरी को लेकर छात्रों का आक्रोश

आक्रोशित छात्रों का कहना है कि उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले कॉलेजों में समय से परीक्षाएं नहीं हो पा रही हैं। उनका आरोप है कि पांच साल के कोर्स को पूरा करने में 6 से 7 साल तक लग रहे हैं, जिससे छात्र मानसिक तनाव में हैं। इसी मुद्दे को लेकर छात्रों ने कॉलेज परिसर में तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की।

कॉलेज प्रबंधन का क्या कहना है?

कॉलेज प्रशासन का कहना है कि मृतक छात्र का परीक्षा परिणाम संतोषजनक नहीं रहा था और वह दो विषयों में सप्लीमेंट्री में थे।
कॉलेज के हेड अनूप गक्खड़ के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया विश्वविद्यालय द्वारा तय की जाती है। नए नियमों के तहत कॉपियों की दो बार जांच हो रही है, जिससे परिणाम आने में समय लग रहा है।

पुलिस का बयान

मामले में एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और विस्तृत रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों की मांग: हो निष्पक्ष जांच

यशपाल की मौत की खबर फैलते ही छात्रों में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई। छात्रों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों और संभावित शैक्षणिक दबाव की गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार, समयबद्ध एग्जाम और परिणाम घोषित करने की मांग की है।

शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था, विशेषकर आयुर्वेदिक शिक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों का कहना है कि अगर समय पर परीक्षाएं और परिणाम घोषित किए जाएं तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है।