Uttarakhand: AI डॉक्टर बना जानलेवा! दून अस्पताल में रोज पहुंच रहे 15 मरीज, दवाओं से बिगड़ रही हालत

देहरादून के दून अस्पताल में रोज 15 मरीज गलत दवा के रिएक्शन के साथ पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों ने एआई से दवा लेने पर दी सख्त चेतावनी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
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AI health advice danger: AI Medicine Risk Alert in Dehradun
Image: AI Medicine Risk Alert in Dehradun

देहरादून: देहरादून के दून अस्पताल में रोजाना करीब 15 मरीज गलत दवा सेवन के कारण रिएक्शन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लोग लक्षणों के आधार पर एआई से दवा पूछकर खुद ही इलाज शुरू कर देते हैं, जो बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।

AI Medicine Risk Alert in Dehradun

अगर आप भी तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टर की बजाय एआई से दवा पूछते हैं, तो सावधान हो जाइए। देहरादून स्थित दून अस्पताल के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में हर दिन करीब 15 मरीज दवाओं के रिएक्शन के साथ पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने इसे गंभीर और चिंताजनक ट्रेंड बताया है।

एआई की सलाह पर दवा, फिर शुरू हो रही परेशानी

विशेषज्ञों के अनुसार, लोग किसी भी लक्षण—जैसे बुखार, दर्द, कमजोरी या घबराहट—को एआई में लिखकर बीमारी और दवा के बारे में पूछ लेते हैं। एआई संभावित बीमारियों की सूची बता देता है, जिससे मरीज डर जाते हैं और खुद ही दवा खरीदकर सेवन शुरू कर देते हैं।

इसके बाद सामने आ रहे हैं ये लक्षण

घबराहट
शरीर में खुजली
चेहरे पर सूजन
एलर्जी
त्वचा पर चकत्ते

डॉक्टरों की चेतावनी

मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अरुण पांडेय के अनुसार, गलत दवा या बीमारी के विपरीत दवा लेने से शरीर में गंभीर रिएक्शन हो सकता है। कई बार दवाओं के नामों की स्पेलिंग मिलती-जुलती होती है, जिससे भ्रम और बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ साल में ऐसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। कुछ मामलों में मरीज की जान तक जोखिम में पड़ सकती है।

बिना जांच के ‘संभावित बीमारी’ बताना खतरनाक

विशेषज्ञों का कहना है कि एआई केवल डाटा के आधार पर संभावनाएं बताता है। वह मरीज का
ब्लड प्रेशर
शुगर लेवल
शारीरिक परीक्षण
अन्य मेडिकल पैरामीटर्स नहीं देख पाता। ऐसे में बिना फिजिकल जांच के दवा लेना गंभीर परिणाम दे सकता है।

ऑपरेशन से पहले भी बढ़ रहा डर

डॉक्टरों ने यह भी बताया कि कई मरीज ऑपरेशन से पहले एआई से प्रक्रिया के बारे में जान लेते हैं। इससे उनके मन में अनावश्यक डर बैठ जाता है और कई बार वे इलाज से पीछे हटने का फैसला कर लेते हैं, जो भविष्य में जानलेवा साबित हो सकता है।

क्या करें?

किसी भी बीमारी में पहले योग्य डॉक्टर से परामर्श लें
एआई को केवल जानकारी के स्रोत के रूप में उपयोग करें, इलाज के लिए नहीं
दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह अनिवार्य रूप से लें
इंटरनेट आधारित जानकारी को अंतिम सत्य न मानें

क्यों जरूरी है सावधानी?

डिजिटल युग में तकनीक मददगार जरूर है, लेकिन चिकित्सा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बिना विशेषज्ञ सलाह के कदम उठाना जोखिम भरा हो सकता है। डॉक्टरों की स्पष्ट सलाह है—एआई को डॉक्टर न समझें, स्वास्थ्य के मामले में विशेषज्ञ की राय ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।