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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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पौड़ी गढ़वाल: कोटद्वार के प्रखंड पोखरा के ग्राम सिलेथ में हाल ही में 24 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच ग्रामीणों द्वारा रामलीला का आयोजन हुआ था। मगर ग्रामीणों को रामलीला का आयोजन करवाना भारी पड़ गया। गांव के अंदर तकरीबन 300 ग्रामीणों की आबादी है जिसमें से 39 लोगों के अंदर कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके बाद से ग्रामीणों के बीच में हड़कंप मचा हुआ है। एक साथ 39 लोगों के अंदर कोरोना संक्रमण की पुष्टि होना बेहद खतरनाक है। बुरी खबर यह भी है कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज भी गांव में रामलीला देखने पहुंचे थे और उन्होंने गांव के लोगों से मुलाकात भी की थी। वहीं गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है और गांव के अंदर एंट्री के सभी रास्तों में बैरिकेडिंग लगा दी गई है। बाहरी लोगों की आवाजाही भी गांव के अंदर पूरी तरह बंद हो गई है। इन 39 लोगों में से कुछ को कोविड केयर सेंटर में और कुछ को घरों के अंदर आइसोलेट किया गया है। और गांव के अंदर किसी को भी बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है।
बता दे कि गांव के अंदर हाल ही में स्वास्थ्य विभाग द्वारा रैंडम सेंपलिंग करवाई गई थी। ऐसा इसलिए क्योंकि गांव के अंदर हाल ही में रामलीला का आयोजन करवाया गया था जिसको देखने के लिए गांव के तकरीबन सभी लोग पहुंचे थे। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गांव के अंदर रेंडम सेंपलिंग की और गांव के 84 ग्रामीणों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए। शनिवार को जब रिपोर्ट मिली तो महकमे में हड़कंप मच गया क्योंकि 86 में से 39 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बता दें कि अभी 86 में से 79 ग्रामीणों की रिपोर्ट ही आई है जिनमें से 39 रिपोर्ट पॉजिटिव निकली है। रिपोर्ट आने के बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और गांव के लोग बेहद डरे हुए हैं। 7 ग्रामीणों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। सबसे चिंता की बात यह है कि रेंडम सैंपलिंग के अंदर ही 39 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जब पूरे गांव की कोरोना रिपोर्ट आएगी तब पता लगेगा कि आखिर गांव के अंदर कितने लोग संक्रमित हुए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ आरती के अनुसार जांच की रिपोर्ट मिलते ही गांव में विभाग की ओर से चार टीमें भेज दी गई हैं। इनमें से दो टीमें संक्रमितों की जांच कर रही हैं जबकि दो अन्य टीमें बाकी बचे ग्रामीणों के सैंपल ले रही हैं। गांव के हर व्यक्ति का सैंपल लिया जा रहा है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गांव के अंदर अब कोई बेवजह घूमता नजर आ आए
बताया जा रहा है कि गांव के अंदर 24 नवंबर से 1 दिसंबर तक ग्रामीणों द्वारा रामलीला का आयोजन किया गया था और इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण रामलीला देखने पहुंचे थे। आशंका जताई जा रही है कि इसी दौरान गांव में कोरोना फैला और बड़ी संख्या में गांव के लोग संक्रमित हो गए। उप जिला अधिकारी संदीप कुमार के अनुसार गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है और गांव के अंदर एंट्री पर भी पाबंदी लगा दी गई है। साथ ही मार्गों पर पुलिस को तैनात कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि जिन ग्रामीणों का स्वास्थ्य अधिक खराब है उनको कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया जा रहा है जबकि अन्य ग्रामीणों को होम आइसोलेशन में ही रखा गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस रामलीला के अंदर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज भी शामिल हुए थे। वे एक विवाह समारोह में शिरकत करने के बाद रामलीला पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की। ऐसे में उनको भी कांटेक्ट ट्रेसिंग के अंदर शामिल कर लिया गया है। हालांकि उनके अंदर पहले संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है मगर फिर भी एहतियात के तौर पर उनकी जांच की जाएगी।