उत्तराखंड के नैनीताल, मसूरी, हरिद्वार, ऋषिकेश या दूसरे पर्यटक स्थलों पर जाते वक्त 3 नियमों का पालन करें। और हां, फर्जी कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट बनवाने की तो सोचें भी नहीं, ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो रहा है।
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Komal Negi
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Image: Nainital police returned 5 thousand tourists
नैनीताल: नैनीताल एक विश्व प्रसिद्व पर्यटक स्थल है। हर साल यहां लाखों पर्यटक आते हैं। पिछले दिनों कोविड कर्फ्यू में मिली ढील के बाद यहां शनिवार और रविवार को काफी लोग जमा हो रहे थे, सोशल मीडिया पर जब यहां उमड़ी भीड़ की तस्वीरें वायरल हुईं तो शुक्रवार को राज्य सरकार ने पर्यटक स्थलों के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी। नैनीताल में एंट्री के लिए नए नियम लागू होने के बाद यहां से करीब 5 हजार सैलानियों को बैरंग लौटा दिया गया। जिन लोगों को वापस भेजा गया वो आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट के बिना नैनीताल घूमने पहुंचे थे। बता दें कि उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों के लिए कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट और देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है, इसके बावजूद बीते वीकएंड हजारों की तादाद में सैलानी बिना कोविड नेगेटिव रिपोर्ट के उत्तराखंड पहुंच गए थे। नैनीताल में मई महीने से अभी तक 1 लाख से ज्यादा पर्यटक सैर के लिए आ चुके हैं। आगे पढ़िए
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नैनीताल, रामगढ़, मुक्तेश्वर और कॉर्बेट पार्क समेत सभी पर्यटक स्थल पर्यटकों से गुलजार हैं, लेकिन कई पर्यटक ऐसे हैं जो सरकार की गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे, ऐसे लोगों को बॉर्डर से वापस लौटाया जा रहा है। बीते तीन दिन में कुल 8548 वाहनों से करीब 32,934 पर्यटकों को नैनीताल व समीपवर्ती क्षेत्रों में प्रवेश करने दिया गया है। जबकि अलग-अलग बॉर्डर से करीब 5000 पर्यटक वापस लौटाए जा चुके हैं। अगर आप भी उत्तराखंड आ रहे हैं तो कोविड नियमों का ध्यान रखें। 72 घंटे पहले की कोविड निगेटिव रिपोर्ट साथ लाएं, होटल की बुकिंग संबंधी दस्तावेज साथ रखें। साथ ही देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल smartcitydehradun.uk.gov.in में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं। और हां सैर-सपाटे के लिए फर्जी कोविड रिपोर्ट बनवाने की तो सोचें भी नहीं। ऐसे लोगों के खिलाफ चालान और मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।